मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM

योजना के तहत मसूरी में करीब 68 किलोमीटर में पेयजल लाइन बिछाने का काम चल रहा है. लेकिन जल निगम और ठेकेदार की ओर से की जा रही लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. मसूरी में पेयजल लाइन डालने के लिए सड़क खोदी जा रही है, वहीं पुरानी पेयजल लाइनों के साथ-साथ अंडरग्राउंड हो चुके विभिन्न विभागों की लाइन की भी बलि दी जा रही है. जिससे लोगों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पानी की समस्या से परेशान लोग

मसूरी झड़ीपानी, बार्लोगंज, मैरीविल स्टेट, हिलबर्ड आदि जगहों पर पिछले 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है. गढ़वाल जल संस्थान द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी भेजा जा रहा है, लेकिन लोगों की पेयजल समस्या दूर नहीं हो पा रही है. गढ़वाल जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के खिलाफ लोगों में भारी रोष है।

लोगों ने लगाया गड़बड़ी का आरोप

बताया जा रहा है कि जल निगम की ओर से डाली जा रही पेयजल की लाइनों में भारी अनियमितता बरती जा रही है. जिससे पेयजल लाइन डालने के दौरान पुरानी पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं. वहीं, लाइनों को बिना चेक किए मरम्मत कर दिया जा रहा है. जिससे लाइन में मलबा और पत्थर होने के कारण लाइन चोक हो रही है , जिससे लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है.

सभासद ने क्या कहा

क्षेत्रीय पार्षद सरिता कोहली ने कहा कि जल निगम और गढ़वाल जल संस्थान के अधिकारियों की लापरवाही के कारण क्षेत्र में 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है. जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गढ़वाल जल संस्थान द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन यह अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विभागों की बैठक में मसूरी में पेयजल की किल्लत का मुद्दा भी उठाया था.

जिसके बाद मंत्री के निर्देश पर जल निगम व गढ़वाल जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है, लेकिन पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही पेयजल की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे. लोगों का कहना है कि अधिकारी उनकी गुहार नहीं सुन रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है।