देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री की कुर्सी से तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे और पुष्कर सिंह धामी के नाम की घोषणा के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की खबरें आने लगीं थी . वहीं, पिछले दिन नवनियुक्त मुख्यमंत्री धामी द्वारा कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया था. आखिर इसका मतलब क्या है? पढ़ें पूरी खबर…
बीजेपी ने सत्ता की कमान नए मुख्यमंत्री के हाथों में सौंपी है. जिसके बाद चर्चा आम है कि आलाकमान के इस फैसले से हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, बिशन सिंह चुफाल , धन सिंह रावत और यशपाल आर्य नाराज हैं.
हालांकि रविवार को मान-मनौव्वल के बाद सभी नेता नवनियुक्त मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे थे . इतना ही नहीं सभी नाराज नेताओं ने रस्म अदायगी के तौर पर धामी के मंत्रिमंडल की शपथ भी ली.
वैसे उत्तराखंड की सियासत में उथल-पुथल कोई नई बात नहीं है. कांग्रेस की हरीश रावत सरकार में हुए दलबदल को कौन भूल सकता है. जब हरक सिंह रावत के नेतृत्व में सभी मजबूत नेताओं ने हरीश रावत की सरकार गिरा दी थी।
इसलिए नवनियुक्त सीएम धामी जानते हैं कि अगर उन्हें राज्य में सरकार चलाना है तो सबको साथ लेकर चलना होगा. हरक सिंह रावत की नाराजगी उन्हें कभी भी भारी पड़ सकती है। क्योंकि, बीजेपी आलाकमान के जूनियर के हाथों में कमान सौंपने के फैसले को सभी सीनियर्स पचा नहीं पा रहे हैं.
हालांकि, भाजपा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री धामी द्वारा हरक सिंह रावत को रात्रि भोज पर आमंत्रित करने को उनकी नाराजगी को शांत करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि डिनर के बाद हरक सिंह रावत के तेवर वैसे ही नजर आ रहे थे . उनकी बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि प्रदेश बीजेपी में अब भी ‘ऑल इज वेल’ नहीं है.

