नैनीताल : परिवहन, समाज कल्याण एवं जनपद प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य ने नैनीताल क्लब में शुक्रवार को आपदा कार्यों की एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भीमताल सड़क पहाड़ की लाइफ लाइन है। जिसके चलते यातायात बाधित है उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त काठगोदाम पुल आपाटमेंट का कार्य पूर्ण कर शुक्रवार शाम तक हल्के वाहन हेतु मार्ग खोलने के निर्देश अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि को दिये। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर आपदा चुनौतियों का सामना करते हुए राहत बचाव कार्य करने होंगे। उन्होंने आपदा प्रबन्धन तंत्र को और सक्रिय करने के निर्देश भी दिये।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य ने वर्षाकाल में पेयजल, विद्युत सुचारू रखने हेतु प्रत्येक खण्ड स्तर पर पेयजल पाइप, ट्रॉस्फार्मर, पोल, तार आदि पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिये। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में तीन माह का राशन तेल, गैस आदि पहुॅचाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों के डेन्जर जोनो व सड़कों को क्रॉस कर रही नालों पर पैनी नजर रखी जाए। साथ ही सभी डेन्जर जोनो में पुलिस, होमगार्ड अथवा पीआरडी के जवानों को तैनात किया जाए। उन्होंने आपदा से संवेनदशील खूपी गांव पर नजर रखे तथा उनके विस्थापन आदि की भी व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने जनपद की नदियों के किनारे ंबसे गॉवों को वर्षाकाल में पानी बढ़ने से पूर्व सायरन अथवा अन्य माध्यमों से चेतावनी जारी करने की बात कही। वहीं प्रभारी मंत्री ने एक-एक सेटेलाइट फोन दुरस्थ क्षेत्र पाटकोट व ओखलकांडा में स्थापित करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान कही ये बात
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में आपदा प्रबन्धन तंत्र सक्रीय है। निगरानी हेतु प्रत्येक तहसील व जिला स्तर पर 09 कंट्रोल रूप स्थापित है। जिनमें 24 घण्टें कार्मिकों की तैनाती की गई है। सभी कंट्रोल रूमों में फोन, मोबाइल, वायरलैस सेट लगाये गये हैं। जनपद में 1077 टोलफ्री नम्बर भी संचालित भी किया गया है। डीएम ने बताया कि जनपद में 1214 विभिन्न प्रकार के सड़क मार्ग है जिसमें से 73 सड़क मार्ग संवेदनशील चिन्हित है। 120 स्लाइडिंग जोन व 96 क्रोनिक जोन जहॉ बार-बार मलवा पत्थर आने से सड़क मार्ग अवरूद्व हो जाता है इन पर पैनी नजर रखी जा रही है साथ 31 जेसीबी भी तैनात की गई है।