सूत्रों के हवाले से
मसूरी। कैंट विधानसभा क्षेत्र के कैनाल रोड-कोलागढ़ का चौड़ीकरण कार्य जो वर्षों से अधर में लटका हुआ था, हाल ही में शुरू किया गया है। लेकिन अब जबकि यह बहुप्रतीक्षित विकास कार्य आरंभ हुआ है, तो इसमें रोज़ाना नई अड़चनें सामने आ रही हैं, जिससे कार्य में लगातार देरी हो रही है। इससे स्थानीय निवासी बेहद नाराज़ हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस कार्य में मसूरी क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा भी अड़चनें डाली जा रही हैं। बताया जा रहा है कि चौड़ीकरण का यह हिस्सा मसूरी विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरता है, और यहीं पर एक दिवंगत वरिष्ठ नेता के नाम पर एक प्रमुख चौराहे का निर्माण प्रस्तावित है। आशंका है कि कुछ लोग इस चौराहे का निर्माण नहीं होने देना चाहते, जिससे उनकी राजनीतिक छवि पर असर न पड़े।

इसी उद्देश्य से, विद्युत लाइन की शिफ्टिंग को लेकर भी जानबूझकर तकनीकी अड़चनें खड़ी की जा रही हैं। जनप्रतिनिधियों की मांग है कि लाइन को अंडरग्राउंड किया जाए, जबकि मौजूदा योजना में इसका कोई प्रावधान नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि इस कार्य के लिए संबंधित विभाग को 2023 में ही करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
काम में बाधा डालने के पीछे एक और बड़ा कारण सामने आया है—इस क्षेत्र में अवैध खनन का दबदबा। कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग अवैध तरीके से बजरी और निर्माण सामग्री का भंडारण व विक्रय कर रहे हैं, जिससे चौड़ीकरण कार्य में गंभीर अड़चनें आ रही हैं।
क्षेत्रीय जनता कई बार संबंधित विभागों से मिल चुकी है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो जनता का आक्रोश आंदोलन में बदल सकता है। लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन जैसी कार्रवाइयों की संभावना भी जताई जा रही है।

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता का हो रहा है। वहीं, विद्युत विभाग अब तक निष्क्रिय बना हुआ है, जबकि परियोजना की ज़िम्मेदारी उसी की है। 2023 में स्वीकृत राशि अब तक बिना उपयोग के पड़ी हुई है, जो गंभीर लापरवाही का संकेत देती है।

