मसूरी:
पर्यटन नगरी मसूरी में इन दिनों प्रशासन द्वारा पर्यटक वाहनों को कुठाल गेट पर रोके जाने से न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय व्यापारियों में भी जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस कदम से पर्यटन व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ रहा है, खासकर ऐसे समय में जब भारत-पाकिस्तान के तनाव के चलते सीजन पहले से ही प्रभावित है।

होटल व्यवसायियों का कहना है कि मसूरी में न तो कोई जाम है, न ही होटल फुल हैं, इसके बावजूद पुलिस कुठाल गेट पर वाहनों को यह कहकर रोक रही है कि “मसूरी में ट्रैफिक बहुत है।”

अहमदाबाद से आए पर्यटक भावेद पटेल ने बताया कि वे 25 लोगों के समूह के साथ ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से मसूरी पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर रोकते हुए कहा कि बड़े वाहनों को मसूरी जाने की अनुमति नहीं है। पटेल ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि वे सिर्फ एक दिन के लिए मसूरी घूमने आए थे और शाम तक वापस लौटने वाले थे, फिर भी उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया।

ड्राइवर विपिन, जो हरिद्वार से गुजरात के पर्यटकों को लेकर आए थे, ने बताया कि गाड़ी को यमुना ब्रिज के पास रोका गया और कहा गया कि मसूरी में जाम है, इसलिए अनुमति नहीं मिलेगी।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर होटल एसोसिएशन के सचिव अजय भार्गव ने कहा कि “हर बार जब पर्यटन सीजन शुरू होता है और थोड़ी भीड़ बढ़ती है, तो प्रशासन और पुलिस का रवैया नकारात्मक हो जाता है। पर्यटकों को रोका जाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि मसूरी की अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदायक है।”

व्यापार संघ मसूरी के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रशासन और पुलिस पर्यटकों को रोककर न केवल उनका उत्पीड़न कर रही है, बल्कि स्थानीय टैक्सी चालकों, होटल मालिकों, स्कूटी और रिक्शा चालकों, होम स्टे और मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी सीधा असर डाल रही है।”

उन्होंने कहा कि ऐसे आदेश मसूरी की पहले से ही संकट में पड़ी अर्थव्यवस्था को और गहरा नुकसान पहुँचा रहे हैं। “जो पर्यटक चारधाम यात्रा के दौरान एक दिन मसूरी घूमने आते हैं, उन्हें भी रोका जा रहा है। यह व्यवहार पूरी तरह से पर्यटन विरोधी है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।”