टिहरी, जौनपुर ब्लॉक: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का माहौल जोरों पर है। इसी क्रम में टिहरी जनपद के जौनपुर ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कांडी में एक मिसाल पेश की गई, जहां चुनावी मुकाबले के बावजूद ग्रामवासियों ने आपसी सामंजस्य और बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए निर्विरोध प्रधान का चयन किया।

ग्राम पंचायत कांडी, जिसमें मेलगढ़, कांडी मल्ली और कांडी तल्ली तीन गांव शामिल हैं, वहां आम सभा की एक महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस पंचायत से दो उम्मीदवार—आनंद सिंह और रमल सिंह—मुख्य दावेदार थे, और मुकाबला कड़ा माना जा रहा था। लेकिन गांव के बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक हित में यह तय किया कि विवाद या मतभेद से बेहतर है मिल-बैठकर समाधान निकाला जाए।

बैठक में सभी ग्रामवासियों ने अपनी राय खुलकर रखी और अंततः निर्णय की ज़िम्मेदारी कुछ वरिष्ठ और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सौंपी गई। उन्होंने समग्र विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से आनंद सिंह के नाम पर मुहर लगाई और उन्हें निर्विरोध ग्राम प्रधान घोषित किया गया। इस फैसले को उपस्थित सभी ग्रामीणों ने खुशी-खुशी स्वीकार किया और तालियों के साथ स्वागत किया।

निर्विरोध चयन पर ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें आनंद सिंह से गांव के विकास की पूरी उम्मीद है। लोगों ने विश्वास जताया कि नया प्रधान पंचायत को प्रगति की दिशा में आगे ले जाएगा।

निर्विरोध रूप से प्रधान बनने के बाद आनंद सिंह ने कहा, “मैं सभी ग्रामवासियों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ। यह मेरे लिए सम्मान ही नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। मैं पूरी ईमानदारी और निष्ठा से ग्राम पंचायत कांडी को एक आदर्श पंचायत बनाने का प्रयास करूँगा।”

ग्रामवासियों के इस शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक निर्णय की चारों ओर सराहना हो रही है। यह उदाहरण साबित करता है कि लोकतंत्र का असली रूप संवाद, सहमति और विकास के लिए एकजुटता है।