आज दिनांक 24-08-2021 को लगातार 81वें दिन भी ब्यासी बांध से पुर्ण रुप से प्रभावित एकमात्र राजस्व गांव लोहारी का धरना प्रदर्शन जारी रहा जिसमें गांव के किसानों द्वारा मांगे पुरी न होने के कारण राज्य सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया गया।
ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान राज्य सरकार एक हि प्रदेश में अलग अलग नीति के अनुरुप कार्य कर रही है,उत्तराखण्ड राज्य में अनेकों जलविधुत परियोजनाओं का निर्माण किया जा चुका है और जिस भी जिले में कोई परियोजना तैयार हुई है उस जिले के बांध विस्थापितों को भुमि के बदले भूमि आवंटित की गई है परंतु ये ब्यासी बांध प्रभावित लोहारी के विस्थापितों का दुर्भाग्य है कि उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए भी विगत 80 दिनों से आंदोलन के रुप में लडाई लडनी पर रही है,राज्य सरकार का रवैया बेहद हि गैरजिम्मेदाराना तथा असंवेदनशील है।
ये लडाई पुर्ण विस्थापित गांव लोहारी के अस्तित्व की लडाई है जो कि तब तक अनवरत जारी रहेगी जब तक कि वर्तमान राज्य सरकार 3 जनवरी 2017 के कैबिनेट के प्रस्ताव को पुनः कैबिनेट में लाकर बहाल नहीं कर देती।
धरना प्रदर्शन में श्री मंगल सिंह,नरेश चौहान,सुखपाल तोमर,दिनेश तोमर,संदीप तोमर,विजय चौहान,रमेश चौहान,रजत तोमर,अमित चौहान,अजय तोमर,महेश तोमर,गजेंद्र चौहान,संजय चौहान,सुरेन्द्र तोमर,केदार सिंह,विजय चौहान,बिजमा देवी, देवी,सावित्री देवी,रेखा चौहान,प्रकाशी देवी,प्रमिला चौहान,भीमो देवी,गुल्लो देवी,विनीता तोमर,रविता चौहान,सुचिता तोमर,रेखा वर्मा,पिंकी,नथो देवी,चिंकी आदि उपस्थित रहे।



