टिहरी , PAHAAD NEWS TEAM
टिहरी जिले की नरेंद्रनगर तहसील के जमोला क्षेत्र के काटल गांव में मंगलवार रात 10 बजे बादल फटने की घटना हुई. सुबह आठ बजे ग्रामीणों ने आपदा प्रबंधन मुख्यालय नई टिहरी, एसडीएम नरेंद्र नगर व राजस्व निरीक्षक जसोला उत्तम राणा को घटना की सूचना दी. सूचना के बाद प्रशासन के नाम पर केवल क्षेत्रीय पटवारी मौके पर पहुंचे, अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के गांव में नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष है.

उत्तराखंड : काटल में घटना के 24 घंटे बाद भी प्रशासन सतर्क नहीं
बादल फटने से काटल गदेरा उफान पर आ गया था, बिजली के खंभे और गांव की संपर्क सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया। काटल, नौडु, तिमली और चौक गांव में कई जगह ट्रांसफार्मर व बिजली के पोल बहने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. चार गांवों में करीब 2500 आबादी रहती है। शिवपुरी और ऋषिकेश से भी गांव का संपर्क कट गया है। बताया जा रहा है कि इन गांव के आसपास जंगल कैंप चल रहे हैं, यहां कुछ पर्यटक भी फंसे हुए हैं. कुछ पर्यटक पैदल ही शिवपुरी पहुंचे, फिर राष्ट्रीय राजमार्ग 58 से ऋषिकेश पहुंचे। शिवपुरी से काटल गांव की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। स्थानीय निवासी राजवीर सिंह भंडारी, कुंवर सिंह, प्रेम सिंह, मोती सिंह,धर्म सिंह, विनोद सिंह,भगवान सिंह ने बताया कि इस घटना में काटल गांव के करीब 25 से 30 लोगों के खेत बह गए कुछ लोगों के खेतों में खड़ी फसल पर सड़क का मलबा गिर गया। गांव में इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों के गांव में नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश है.

