लोहारी , PAHAAD NEWS TEAM

आज दिनांक 30-08-2021 को लगातार 87वें दिन भी ब्यासी बांध से पुर्ण रुप से प्रभावित एकमात्र राजस्व गांव लोहारी का धरना प्रदर्शन जारी रहा।

लोहारी के ग्रामीणों द्वारा प्रदेश सरकार की असंवेदनशीलता तथा लोहारी गांव के प्रति दोगले व्यवहार को देखते हुए जमकर नारेबाजी की गई।

लोहारी के काश्तकारों ने वर्तमान प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार तानाशाही की सारी हदें पार कर चुकी है,वर्तमान राज्य सरकार लोहारी के ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने व समझने को राजी नहीं है जिस कारण वर्तमान राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कैबिनेट के रेशम विभाग के भूमि के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था जो कि लोहारी के काश्तकारों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है,भूमि के बदले भूमि लोहारी के ग्रामीणों का संवैधानिक अधिकार है जो कि ग्रामीणों को मिलना हि चाहिए।

वर्तमान राज्य सरकार के नुमाइंदो के द्वारा सचिव स्तर पर ग्रामीणों के साथ अभी तक एक भी बैठक आहुत नहीं करवाई गयी है जिससे साफ़ जाहिर होता है कि राज्य सरकार की ग्रामीणों को भूमि के बदले भूमि देने नियत ही नहीं है जो कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

लोहारी के ग्रामीणों की मांग है कि जब तक राज्य सरकार 3 जनवरी 2017 के कैबिनेट के प्रस्ताव को पुनः कैबिनेट में लाकर बहाल नहीं कर देती तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

धरना प्रदर्शन में सुखपाल तोमर,नरेश चौहान,दिनेश तोमर,दिनेश चौहान,राजेश चौहान,अमित चौहान,मंगल सिंह,गजेन्द्र चौहान,महेश तोमर,विजय चौहान,बलबीर चौहान,राजेन्द्र तोमर,स्वराज चौहान,दिवान आदि उपस्थित रहे।