टिहरी गढवाल | सांस्कृतिक व धार्मिक अस्तित्व को संजोगे थत्यूड जौनपुर टिहरी गढवाल की पौराणिक समय से चली आ रही रामलीला का शुभारंभ ग्राम प्रधान थत्यूड मेनका सजवाण ने किया |
प्रथम दिवस मे श्रवण कुमार लीला, रावण तप लीला और कैलाश लीला मंचन कलाकारो के द्वारा किया गया |
मंच पर मातृ पित्र भक्त श्रवण कुमार अपने अंधे माता पिता को अपने कंधो पर यात्रा करवाने के दौरान चक्रवर्ती सम्राट अयोध्या नरेश दशरथ के शब्द भेजी बाण का शिकार बन जाते है जिसके बाद श्रवण कुमार के माता पिता महाराज दशरथ को शॉप देते है कि जिस प्रकार से आज वो पुत्र वियोग मे प्राण त्याग रहे है आने वाले समय मे महाराज दशरथ भी पुत्र वियोग मे प्राण त्यागेगें |
इस दृश्य को देखकर आए हुए दर्शक भाव विभोर हो गए |
वही दुसरी और रावण तप लीला मे रावण, कुंभकरण और विभीषण ब्रह्मा जी की तपस्या करते हैं व ब्रह्मा जी तीनों की तपस्या से प्रसन्न होकर रावण को अजय अमर, कुंभकरण को 6 महीने की निद्रा 6 महीने जागना और विभीषण को राम की भक्ति का वरदान देते हैं |

कैलाश लीला मे नारद मुनी के कहने पर रावण लंका मे कैलाश पर्वत को स्थापित करने हेतु हिमालय मे विराजमान भगवान शंकर व माता पावर्ती समेत हिमालय पर्वत को लेने पंहुचते हैं जंहा भगवान शिव रावण के इस अभिमान को धराशाई करते हैं |
रामलीला धार्मिक सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिती थत्यूड द्वारा आयोजित इस रामलीला मंचन का शुभारंभ ग्राम प्रधान थत्यूड मेनका सजवाण ने रक्त पट्ट विच्छेदन के साथ किया |
रामलीला मंचन मंचन मे कुशल संगीत संदीप पंवार व मनोज भट्ट ने दिया |
श्रवण कुमार का अभिनय कौस्तुक असवाल, महाराज दशरथ मुनिम प्रधान, रावण संदीप शाह, सुमन्त दीपक सकलानी, पार्वती केशव गौड, आयुष भट्ट आदी ने किया |

इस पुरी रामलीला मंचन का सीधा प्रसारण एस सजवाण प्रोडक्शन डिजिटल नेटवर्क के फेसबुक पेज पर भी किया जा रहा है जंहा देश विदेश के दर्शक दिव्य रामलीला के दर्शन कर रहे हैं |
इस अवसर पर व्यापार मण्डल के पूर्व अध्यक्ष दीपक सजवाण, रामलीला समिती के अध्यक्ष गजेन्द्र असवाल, राम प्रकाश भट्ट, मुनिम प्रधान, हरि लाल, हरिश नौटियाल, शिवांश सजवाण आदी मौजुद थे |
मंच का संचालन प्रसिद्ध मंच संचालक सुनील सजवाण ने किया |


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