मंसूरी, 2 अगस्त। रवाई–जौनपुर क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किए जाने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर रवाई–जौनपुर (जनजाति) संयुक्त संघर्ष समिति ने आगामी 4 अगस्त को मंसूरी नगर पालिका के टाउन हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, बुद्धिजीवी एवं विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

संघर्ष समिति का कहना है कि रवाई–जौनपुर क्षेत्र की सांस्कृतिक, भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां आसपास के जनजातीय क्षेत्रों से पूरी तरह मेल खाती हैं। समिति के अनुसार यह क्षेत्र खान-पान, भाषा, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली के आधार पर विशिष्ट जनजातीय पहचान रखता है।

समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1967 में देहरादून जनपद का चकराता क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से रवाई–जौनपुर क्षेत्र को इस सूची से बाहर रखा गया। तभी से क्षेत्र की जनता लगातार रवाई–जौनपुर को भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किए जाने की मांग उठाती रही है।

जौनपुर प्रधान संगठन के अध्यक्ष एवं संघर्ष समिति के सदस्य प्रदीप कवि ने बताया कि कई दशकों से लंबित इस मांग को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने और आगे की रणनीति तय करने के उद्देश्य से 4 अगस्त को मंसूरी टाउन हॉल में बैठक आयोजित की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से बैठक में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की है।

संघर्ष समिति का कहना है कि बैठक में भविष्य की कार्ययोजना, आंदोलन की दिशा तथा सरकार तक मांग को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।