पिथौरागढ़ , PAHAAD NEWS TEAM

पिथौरागढ़ में रात का कर्फ्यू सभी जानते हैं कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने या दंगों की वजह से कर्फ्यू लगाया जाता है. कोविड काल में भी पिछले साल पहली बार लोगों ने दिन-रात कर्फ्यू देखा। अब पिथौरागढ़ शहर में पहली बार गुलदारों के खौफ से रात का कर्फ्यू लगाना पड़ रहा है, जिससे हर कोई खौफ में है. पिथौरागढ़ शहर में गुलदारों का खौफ इस कदर बढ़ गया कि प्रशासन को रात का कर्फ्यू लगाने का फैसला लेना पड़ा. पहली बार यह स्थिति इसलिए भी पैदा हुई है क्योंकि इस साल गुलदार ने चार लोगों में से तीन बच्चों का शिकार किया है। पिछले साल कोविड कर्फ्यू के दौरान जिले में 11 लोग गुलदारों के निवाले बने थे.

नगर निगम क्षेत्र के बजेटी वार्ड के पाटा तोक में रविवार की रात गुलदार ने घर में घुसकर सात साल की बच्ची मानसी को मार डाला था . दो दिन बाद वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक गुलदार फंस गया। इस दौरान सीसीटीवी में तीन अन्य गुलदार भी नजर आए। यह सब शहरी क्षेत्र में है। इस घटना के बाद दिन चढ़ने के साथ पिथौरागढ़ शहर के सभी जगहों पर कर्फ्यू जैसे हालात देखने को मिले. लोगों ने खेतों और बाजारों में जाना बंद कर दिया था। समूह में ही महिलाएं भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही थीं। स्कूल जाने वाले बच्चे डरे हुए थे।

चार इंसानों , दो गुलदारों की मौत

पिथौरागढ़ृ कस्बे से सटे इलाके में इस साल अब तक गुलदार चार लोगों को अपना शिकार बना चुका है. जिसमें तीन बच्चे शामिल हैं। वन विभाग द्वारा तैनात शिकारियों ने दो आदमखोर गुलदारों को भी ढेर कर दिया है। पिछले साल जिले में गुलदारों ने 11 लोगों का शिकार किया था।

मानव और गुलदार दोनों जिंदा रहे इसलिए लिया गया फैसला : डीएम

डीएम आशीष चौहान ने बताया कि मानव और गुलदार दोनों के जीवित रहने को ध्यान में रखते हुए शहर के पौण, पपदेव, जीआइसी, रई, चंडाक, बजेटी में रात्रि कर्फ्यू लगाना पड़ा है. मनुष्य और गुलदार दोनों के जीवन की रक्षा करना आवश्यक हो गया है। यह एहतियाती कदम खासकर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।