टिहरी गढ़वाल। जिला सहकारी बैंक टिहरी गढ़वाल के चुनाव में भाजपा समर्थित पैनल ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा। चुनाव प्रक्रिया में सभी निदेशक निर्विरोध चुने गए और इसके बाद सुभाष चंद्र रमोला को लगातार दूसरी बार जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष चुना गया। वहीं, विनोद रावत ने लगातार दूसरी बार उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध जीत दर्ज की।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्विरोध निर्वाचन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने ढोल-दमाऊं की धुन पर नृत्य कर खुशी जताई और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया।
निर्विरोध चुनाव ने बढ़ाया राजनीतिक संदेश
जिला सहकारी बैंक के चुनाव में भाजपा समर्थित पैनल की निर्विरोध जीत को संगठन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लगातार दूसरी बार सुभाष चंद्र रमोला का अध्यक्ष बनना बैंक में उनके नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है।
चुनाव के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत ने कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि पंचायत और निकाय चुनावों के बाद सहकारिता क्षेत्र में भी भाजपा ने अपना प्रभाव मजबूत किया है। उन्होंने इस जीत को कार्यकर्ताओं के समर्पण और संगठन की एकजुटता का परिणाम बताया।
जश्न में दिखा कार्यकर्ताओं का उत्साह
निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैंक मुख्यालय से विजय जुलूस निकाला। ढोल-दमाऊं की गूंज के बीच कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। इस दौरान नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।
बैंक को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प
अध्यक्ष चुने जाने के बाद सुभाष चंद्र रमोला ने कहा कि उनका प्रयास जिला सहकारी बैंक को प्रदेश के अग्रणी बैंकों में शामिल करने का रहेगा। उन्होंने बैंक के माध्यम से सहकारिता को मजबूत करने, बैंक का लाभांश बढ़ाने और विभिन्न योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बैंक को और मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से काम किया जाएगा।
2027 की तैयारी से भी जोड़ा गया चुनाव
भाजपा नेताओं ने इस जीत को आगामी राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा। पार्टी नेताओं का कहना है कि सहकारिता क्षेत्र में मिली यह सफलता संगठन के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है और 2027 में प्रदेश में फिर सरकार बनाने के लक्ष्य को मजबूत करने में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
जिला सहकारी बैंक टिहरी गढ़वाल के इस निर्विरोध चुनाव ने जहां भाजपा के संगठनात्मक प्रभाव को सामने रखा, वहीं सुभाष रमोला के लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनने से बैंक के नेतृत्व में निरंतरता भी बनी है।

