लेन-देन के विवाद में महिला को डराने पहुंचे थे आरोपी, चार अन्य की तलाश में पुलिस की दबिश
देहरादून। रायपुर क्षेत्र में एक महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय एक युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चार अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, 23 सितंबर को सुषमा वर्मा पत्नी राहुल वर्मा, निवासी कानन कुंज, सहस्रधारा रोड ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि सुबह करीब 6:50 बजे नाला पानी चौक के पास कुछ लोगों ने उन्हें जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर रायपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर थाना रायपुर और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा शिकायतकर्ता और संदिग्धों से पूछताछ कर घटना में इस्तेमाल वाहन और आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
सहस्रधारा रोड से युवती गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को टीम ने मामले में कथित रूप से शामिल चाहत उर्फ अन्नू, उम्र 19 वर्ष, निवासी गोविंद विहार, डांडा लखौंड, रायपुर को सहस्रधारा रोड से गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्नू ने घटना में चार अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी दी। इनकी पहचान दीपक, सुशांत उर्फ लक्की, आदित्य वशिष्ठ और प्रियांशु के रूप में बताई गई है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
डेयरी के सौदे को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पक्ष और सुषमा वर्मा के बीच डेयरी के कारोबार और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, अठूरवाला-भानियावाला क्षेत्र में 11 गायों वाली डेयरी को संचालित करने का सौदा करीब 7.50 लाख रुपये में हुआ था। इसके तहत पांच लाख रुपये नकद और 2.50 लाख रुपये का चेक दिए जाने की बात सामने आई है।
आरोपियों को बताया गया था कि डेयरी की गायें प्रतिदिन करीब 150 लीटर दूध देती हैं और समझौते के अनुसार दूध पुष्पा नेगी को बेचा जाना था। पुलिस के मुताबिक, बाद में दूध की मात्रा उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलने पर आरोपियों ने सुषमा से अपनी रकम वापस मांगी।
पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरोपियों को काम जारी रखने और रकम बाद में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया। इसी बीच अन्नू की तबीयत खराब होने पर उसे ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। पैसों की जरूरत पड़ने पर आरोपियों ने पुष्पा नेगी से दूध की बिक्री से बची रकम मांगी। आरोप है कि पुष्पा ने यह रकम सुषमा से लेने की बात कही।
पुलिस के मुताबिक, सुषमा से संपर्क करने पर कथित तौर पर केवल 10 हजार रुपये दिए गए और शेष रकम देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने सुषमा को डराने की योजना बनाई।
किराये की कार से पहुंचे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, सुषमा को डराने के लिए आरोपियों ने कारगी चौक के पास से काले रंग की स्विफ्ट कार किराये पर ली थी। कार किराये पर लेने के दौरान अन्नू ने गारंटी के तौर पर अपनी स्कूटी रखी थी।
पुलिस का कहना है कि घटना से पहले आरोपी अपने साथियों से मिलने रोशनाबाद, हरिद्वार गए थे। इसके बाद आदित्य, लक्की और प्रियांशु के साथ देहरादून लौटे।
23 सितंबर की सुबह दीपक, आदित्य और लक्की स्विफ्ट कार से सुषमा को डराने के लिए सहस्रधारा क्षेत्र पहुंचे। पुलिस के अनुसार, जब सुषमा ने शोर मचाया और आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे तो पकड़े जाने के डर से आरोपी वहां से फरार हो गए।
चार आरोपी अभी फरार
पुलिस के अनुसार, मामले में नाम सामने आने वाले फरार आरोपियों में—
- दीपक पुत्र दिलीप कुमार, निवासी विष्णु लोक कॉलोनी, ज्वालापुर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
- सुशांत उर्फ लक्की पुत्र अनिल कुमार, निवासी ग्राम डोब, तहसील देवप्रयाग, थाना हिंडोलाखाल, टिहरी गढ़वाल।
- आदित्य वशिष्ठ पुत्र अमित शर्मा, निवासी औरंगाबाद, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
- प्रियांशु पुत्र सुखपाल, निवासी नगला अहमद, थाना मंगलौर, हरिद्वार।
पुलिस का कहना है कि चारों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

