जौनपुर। लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित काश्तकारों की समस्याओं और युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष समिति जौनपुर-जौनसार ने आंदोलन का निर्णय लिया है। 27 अक्टूबर 2026 को प्लान खेड़ा में आयोजित बैठक में काश्तकारों की मांगों, युवाओं के रोजगार, श्रमिकों की समस्याओं और एलएंडटी कंपनी के साथ चल रहे विवाद पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह सजवाण ने कहा कि प्रभावित काश्तकारों की समस्याओं के समाधान और क्षेत्र के युवाओं को स्थायी व अस्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए समिति लगातार शासन-प्रशासन से मांग कर रही है। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से प्रभावितों में नाराजगी है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक प्रभावित काश्तकारों और क्षेत्र के युवाओं की मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक परियोजना का निर्माण कार्य बंद कराने के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। समिति ने श्रमिकों की मांगों का भी समर्थन करते हुए उनके समाधान के लिए प्रयास करने की बात कही।
बैठक में सीटू की स्थापना और हस्तक्षेप का प्रभावित काश्तकारों ने विरोध किया। समिति का कहना है कि प्रभावितों से जुड़े विवादों और समस्याओं के समाधान के लिए उनकी अपनी समिति सक्षम है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही समिति ने परियोजना क्षेत्र से बाहर के अकुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों को हटाने की मांग उठाई। समिति के निर्णय के अनुसार, ऐसे श्रमिकों के स्थान पर प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को रोजगार देने और प्रभावित परिवारों को परियोजना में समायोजित करने की मांग की जाएगी। मशीनरी और वाहनों को भी परियोजना निर्माण कार्य से हटाने का निर्णय लिया गया है।
समिति ने आगामी 15 नवंबर 2026 से परियोजना का निर्माण कार्य बंद कराने और धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 10 नवंबर 2026 को दोबारा बैठक बुलाई गई है। इसमें आगे की रणनीति और आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों पर निर्णय लिया जाएगा।



