देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM

करीब डेढ़ साल के बाद शुक्रवार से प्रदेश के 105 सरकारी डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में छात्र-छात्राओं की आमद के साथ फिर से चहल-पहल लौटेगी । आफलाइन पढ़ाई की प्रक्रिया शुरू होगी। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कॉलेजों में अराजक तत्वों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी. बिना परिचय पत्र के किसी को भी परिसर में प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोरोना महामारी की दूसरी घातक लहर के प्रभाव को कम करने के बाद अब डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर भी पुरानी तर्ज पर छात्रों की उपस्थिति से गुलजार रहेंगे. करीब डेढ़ साल से उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है। यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राज्य सरकार ने शुक्रवार से आफलाइन शिक्षा शुरू करने का फैसला किया है. इससे पहले राज्य में प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक स्कूल और कॉलेज खुल चुके हैं।

बाहरी लोग प्रवेश नहीं कर सकेंगे

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि आफलाइन शिक्षा से छात्रों को मदद मिलेगी. कॉलेजों में पठन-पाठन को सुचारु बनाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई शुरू की जाएगी। कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकें। इसके लिए कॉलेज के प्रवेश द्वार पर पहचान पत्र दिखाकर ही छात्रों को प्रवेश देने के आदेश दिए गए हैं। बाहरी लोगों के प्रवेश की स्थिति में संबंधित प्राचार्य की जवाबदेही तय की जाएगी।

शिक्षकों की उपस्थिति पर होगी नजर

विभागीय मंत्री ने यह भी बताया कि महाविद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति पर प्राचार्य व विभागीय अधिकारी नजर रखेंगे. अब कॉलेजों में पढ़ाई सुचारू रखने पर जोर दिया जा रहा है। सभी राज्य विश्वविद्यालयों को 30 अक्टूबर तक सभी परीक्षा परिणाम घोषित करने हैं। इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालयों को भी आगामी नवंबर तक दीक्षांत समारोह आयोजित करने के लिए कहा गया है।