विकासनगर , PAHAAD NEWS TEAM
अपनी मांगों को लेकर 121 दिनों तक धरना दे रहे बांध प्रभावित लोहारी के ग्रामीणों का जेल से छूटने के बाद स्वागत किया गया. पुलिस-प्रशासन ने 17 आंदोलनकारियों को धरना स्थल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पांच दिन बाद जब उसे छोड़ा गया तो स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर की। इस दौरान तरुण संघ खत लखवाड़ के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया.
यमुना नदी में बन रहे व्यासी बांध परियोजना से प्रभावित लोहारी के ग्रामीणों के आंदोलन से निर्माण कार्य ठप हो गया था . परियोजना के निर्माण के कारण पूरी तरह से जलमग्न क्षेत्र में आने वाले ग्रामीण सरकार से जमीन के बदले जमीन देने की मांग कर रहे हैं. अपनी मांगों को लेकर परिवार समेत बांध प्रभावित आंदोलनकारी कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. प्रशासनिक स्तर से कई बार उन्हें समझाने का प्रयास किया गया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इस पर प्रशासनिक अमले ने पुलिस टीम के साथ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. हालांकि, पछवादून में इस मामले को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया था. बांध प्रभावित ग्रामीणों की गिरफ्तारी से नाराज चकराता विधायक व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने 4 अक्टूबर को बाड़वाला तिराहे के पास सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दी थी. वहीं, अधिवक्ता किशोर कुमार और पूर्व अध्यक्ष तरुण संघ खत लखवाड़ जितेंद्र चौहान के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की और ग्रामीणों की जल्द रिहाई की मांग की. बताया जा रहा है कि इसके अलावा उन्होंने इस मामले को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की है. स्वागत के दौरान सुखपाल सिंह तोमर, रमेश चौहान, भरत सिंह तोमर आदि मौजूद रहे.

