चकराता , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड के चकराता प्रखंड के भरम खत के बायला गांव के पास हुए सड़क हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए सोमवार को परिवहन विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची. तकनीकी टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में हादसे की मुख्य वजह चालक की लापरवाही को बताया है। प्रभारी एआरटीओ एनफोर्समेंट एसके निरंजन ने बताया कि घटना की जांच में चालक की घोर लापरवाही सामने आई है. वहीं बायला पहुंचे राज्य एसटी आयोग के अध्यक्ष मूरतराम शर्मा ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख जताया है.

रविवार को जौनसार के बायला गांव से विकासनगर जा रहे बोलेरो कैंपर यूटिलिटी पीएमजीएसवाई के बायला-पिंगुवा रोड पर गांव से करीब दो सौ मीटर आगे बेकाबू होकर खाई में पलटने से 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे में मरने वालों में 11 लोग बायला गांव के रहने वाले हैं. जबकि अन्य हिमाचल के मलेथा-क्वानू और खडकांव -सिरमौर के रहने वाले हैं। इसके अलावा बायला निवासी छह वर्षीय रितिक व पिंगुवा निवासी गजेंद्र सिंह तोमर सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज देहरादून के अस्पताल में चल रहा है.

घटना को लेकर हरकत में आए शासन व प्रशासन के आला अधिकारियों के निर्देश पर परिवहन विभाग की तकनीकी टीम सोमवार को हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गांव बायला पहुंची. एआरटीओ इंचार्ज एसके निरंजन ने बताया कि बायला में जहां सड़क दुर्घटना हुई वहां मोटर मार्ग की चौड़ाई 15.60 फीट है. इसमें 11.60 फीट सड़क पक्की और चार फीट सड़क कच्ची है। स्थिति को देखकर पता चला कि ओवरलोड वाहन चालक ने सड़क किनारे पैराफिट तोड़ दिया और संतुलन बिगड़ने से गहरी खाई में गिर गया।

तकनीकी जांच में सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण चालक की घोर लापरवाही पाई गई। एसके निरंजन ने बताया कि दुर्घटना वाहन का पंजीयन बायला निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र भाव सिंह के नाम है, जिसका बीमा दिसंबर 2021 तक वैध है. पांच सीटों वाले इस वाहन का वजन 1675 किलोग्राम है। यात्रियों के मामले में, वाहन में मानक से तीन गुना अधिक लोग सवार थे। घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।

एसटी आयोग अध्यक्ष ने घटना पर जताया दुख

सोमवार को बायला गांव पहुंचे उत्तराखंड जनजाति आयोग के अध्यक्ष मूरतराम शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की पहाड़ी सड़कों पर होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे. उन्होंने क्षेत्र में ओवरलोड की समस्या से निपटने के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवा की बसों के संचालन पर जोर दिया। इसके अलावा पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत एवं सदर स्याणा चमन सिंह, चकराता ब्लाक के कनिष्ठ उपप्रमुख शमशेर सिंह चौहान व कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह राणा ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. इस दौरान शूरवीर डोभाल, कुंवर सिंह, बलवीर सिंह आदि मौजूद रहे.

मृतक आश्रितों एवं घायलों के लिए स्वीकृत सहायता राशि

सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को उत्तराखंड मोटरयान अधिनियम के तहत 1-1 लाख व घायलों को 40-40 हजार की राशि स्वीकृत की गई है।