चमोली , PAHAAD NEWS TEAM

खेल महाकुंभ के तहत होने वाली प्रतियोगिताएं बजट के अभाव में अधर में लटकी हुई हैं. एक ओर जहां विभाग द्वारा एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं, वहीं दूसरी ओर बजट के अभाव में जिला स्तर पर खोखो, कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन न करवा पाने की बात कही जा रही है. जिससे जिले की ग्रामीण खेल प्रतिभाएं मायूस हैं।

खेल महाकुंभ के लिए युवा कल्याण विभाग ने जिले में सभी प्रतियोगिताओं के लिए करीब 4300 बालक-बालिकाओं का चयन किया है. इनमें से लगभग 1,100 लड़के और लड़कियों ने एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। वहीं, खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल और जूडो की प्रतियोगिताओं के लगभग 3,200 प्रतिभागी बजट की कमी के कारण खेल महाकुंभ में भाग लेने से वंचित रह गए हैं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला योजना में खेल महाकुंभ के आयोजन हेतु धनराशि का आवंटन न होने तथा मांग के सापेक्ष निदेशालय से राशि प्राप्त न होने के कारण कुछ प्रतियोगिताएं आयोजित करने में समस्या आ रही है.

जिला युवा कल्याण अधिकारी आनंद सिंह नयाल का कहना है कि विभाग के पास उपलब्ध बजट से जिले में खेल महाकुंभ के तहत बालिका वर्ग की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है. जबकि बालक वर्ग की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रस्तावित है। लेकिन बजट की कमी के कारण खेल महाकुंभ की सूची में शामिल कुछ प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो पा रहा है. निदेशालय स्तर से राशि की मांग की गई है, बजट आवंटन के बाद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।