देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

दो साल के लंबे अंतराल के बाद अब सरकारी दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल को एक नई एमआरआई मशीन उपलब्ध कराई गई है, जिसके बाद दून अस्पताल में आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल को मिली एमआरआई मशीन नवीनतम तकनीक से लैस है। अस्पताल प्रबंधन ने मशीन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसके लिए पुराने भवन में स्थित रेडियोलॉजी विभाग के पास एक कमरा बनाया जा रहा है। इसमें दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत और उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री लगातार नजर रखे हुए हैं. डॉ खत्री का कहना है कि इस महीने के अंत तक एमआरआई मशीन को इनॉग्रेशन हो जाएगा. इस मशीन के आने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को मजबूरन प्राइवेट सेंटर में जाकर एमआरआई कराना पड़ता था, लेकिन मरीजों की परेशानी दूर हो जाएगी. उन्होंने बताया कि एमआरआई जांच के लिए जो शुल्क पहले निर्धारित किया गया था, वही शुल्क इस मशीन के लगने के बाद लिया जाएगा. आपको बता दें, निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में आठ हजार से 12 हजार रुपये में एमआरआई टेस्ट किया जाता है, जबकि दून अस्पताल में साढ़े तीन हजार रुपये में किया जाता है.

एमआरआई मशीन (एमआरआई- चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग) हमारे शरीर के अंदर की तस्वीरें लेती है और किसी भी तरह की समस्याओं को उजागर करती है। एमआरआई मशीनों का उपयोग मुख्य रूप से जोड़ों, दिमाग, टखने, छाती, कलाई, हृदय और रक्त वाहिकाओं की जांच के लिए किया जाता है।