पिथौरागढ़ , PAHAAD NEWS TEAM

चुनाव नजदीक आते ही सीमांत जिले पिथौरागढ़ स्थित बेस अस्पताल का मामला एक बार फिर गर्मा गया है. दरअसल, बेस अस्पताल शुरू होने के बजाय इसमें जिला अस्पताल की एक्सटेंशन ओपीडी इकाई शुरू होने से राजनीतिक बवाल हो गया है. विपक्ष ने इसे चुनावी बवाल बताते हुए सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है.

पिथौरागढ़ के बेस अस्पताल को लेकर पिछले डेढ़ दशक से सियासत चल रही है. 2005 में एनडी तिवारी सरकार ने जिला और महिला अस्पताल को मिलाकर बेस अस्पताल बनाने की घोषणा की थी. लेकिन विपक्षी बीजेपी के विरोध के चलते यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया. इसके बाद 2011 में भाजपा सरकार ने चंडाक में बेस बनाने का काम शुरू किया , लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने बेस अस्पताल को चंडाक से पुनेड़ी स्थानांतरित कर दिया. पुनेड़ी में बेस अस्पताल के निर्माण में 65 करोड़ की राशि खर्च की गई है। लेकिन बेस अस्पताल शुरू करने के बजाय इसमें जिला अस्पताल की विस्तार इकाई शुरू की गई, जिससे सियासी पारा फिर से सातवें आसमान पर चढ़ गया है.

पूर्व विधायक और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मयूख महर का कहना है कि भाजपा सरकार 5 साल में बेस अस्पताल का संचालन शुरू नहीं कर पाई और अब पिथौरागढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ कर जनता को धोखा देकर इसे विस्तार इकाई में तब्दील कर रही है।

बता दें कि बेस अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सीटी स्कैन से लेकर आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी यहां उपलब्ध हैं। लेकिन अभी तक बेस अस्पताल के संचालन का जीओ जारी नहीं किया गया है। इतना ही नहीं जरूरी मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की भी नियुक्ति नहीं की गई है। हालांकि जिलाधिकारी का कहना है कि जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में जगह कम होने के कारण बेस में एक्सटेंशन ओपीडी शुरू कर दी गई है. बेस को विधिवत चालू करने की प्रक्रिया प्रगति पर है और जल्द ही बेस शुरू कर दिया जाएगा।