चंपावत , PAHAAD NEWS TEAM

इस बार भी विधानसभा चुनाव में लोहाघाट सीट हॉट मानी जा रही है. राज्य बनने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में यहां दो बार बीजेपी और कांग्रेस को जीत मिली है. साल 2002 से लेकर साल 2012 तक यहां कांग्रेस ने साल 2012 से लेकर साल 2022 तक भाजपा ने राज किया है . इसी मिथक के आधार पर इस बार कांग्रेस अपनी जीत पक्की होने का दावा कर रही है. लेकिन बीजेपी लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर इस मिथक को तोड़ने की कोशिश कर रही है. फिलहाल दोनों पार्टियों का फोकस टिकट बंटवारे पर है. सूत्रों के मुताबिक टिकट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों के बीच तनातनी की पूरी संभावना है. अगर ऐसा होता है तो इस बार अप्रत्याशित परिणाम भी आ सकते हैं।

लोहाघाट सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच हमेशा से सीधा मुकाबला रहा है. क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल ने वर्ष 2002 और 2007 में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी लेकिन उसके उम्मीदवार राष्ट्रीय दलों को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। राज्य के गठन के बाद वर्ष 2002 में हुए पहले चुनाव में उत्तराखंड क्रांति दल की लहर के बाद भी उसके उम्मीदवार तीसरे नंबर पर थे। तब कांग्रेस के महेंद्र सिंह महरा ने भाजपा प्रत्याशी कृष्ण चंद्र पुनेठा को सीधे मुकाबले में हरा दिया था। वर्ष 2007 में महेंद्र सिंह महरा ने भाजपा के कृष्ण चंद्र पुनेठा को 1610 मतों के अंतर से हराया, जो इस बात का संकेत देते हैं कि कांग्रेस इस सीट पर मजबूत होती रहेगी।

साल 2012 में यहां के मतदाताओं ने खेल उलट दिया और बीजेपी को भारी मतों के अंतर से जीत दिलाई. भाजपा के पूरन सिंह फत्याल ने महेंद्र सिंह महरा को 11535 मतों के अंतर से हराया। बीजेपी का जीत का सिलसिला यहीं नहीं थमा. साल 2017 में बीजेपी के पूरन सिंह फत्याल ने कांग्रेस उम्मीदवार खुशाल सिंह अधिकारी को कड़े मुकाबले में हराकर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की थी. इस बार बीजेपी की जीत का अंतर सिर्फ 834 वोटों का था. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का बहुत ही छोटा अंतर इस बार उसके लिए खतरे की घंटी हो सकती है, लेकिन बीजेपी अपने काम के दम पर चुनाव जीतने का दावा कर रही है. लोहाघाट की जनता ने हमेशा विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देकर मतदान किया है. इस बार भी जनता दोनों पार्टियों का काम देखकर ही वोट देगी, इतना तय है. बीजेपी जहां इस मिथक को तोड़ने की पूरी कोशिश कर रही है वहीं कांग्रेस फिर से यही क्रम दोहराने की कोशिश कर रही है. ऐसे में अब इंतजार है दावेदारों के मैदान में उतरने का। दावेदारों ने मैदान में उतरने की पूरी तैयारी कर ली है।