देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के लिए मतदान 14 फरवरी को है. विधानसभा चुनाव को सफल बनाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में रिटर्निंग अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी निर्वाचन अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को आवश्यक सेवा पर अनुपस्थित मतदाता के रूप में पोस्टल बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान की सुविधा के लिए अपने राज्य मुख्यालय जिले के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया.

इसके साथ ही नोडल अधिकारी डाक मतपत्र के प्रपत्र-डी की प्रतियां विभाग के संबंधित कर्मचारियों को प्राप्त कर आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित जिले और विधानसभा क्षेत्र के नोडल अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे . जिला निर्वाचन अधिकारी को उम्मीद है कि इससे मतदान का काम सुचारू रूप से संपन्न हो जाएगा.

संबंधित विभागों और संस्थानों के कर्मियों के लिए पोस्टल बैलेट द्वारा मतदान 8, 9 और 10 फरवरी 2022 को सुबह 9 बजे से शाम 05 बजे तक है. आयोग द्वारा सभी रिटर्निंग अधिकारियों को आवश्यक सेवाओं वाले मतदाताओं के लिए मतदान के लिए मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया.

पोस्टल बैलेट के लिए लगी टीम का रेण्डमाइजेशन,माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति और मतपत्रों के लिए तहसील स्तर पर स्ट्रांग रूम की व्यवस्था, डाक मतपत्र व नाम-निर्देशन के लिए नामित किये गये सहायक रिटर्निंग आफिसरों का डिटेल, फाॅर्म-12डी नोटिस की प्राप्ति और सभी रिटर्निंग अधिकारियों को उनकी विधानसभा में स्थापित माॅडल बूथ और बूथ की डिटेल प्राप्त करते हुए , भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित बूथों पर व्यवस्था करें। साथ ही बने बूथों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए.

जिला निर्वाचन अधिकारी आर राजेश कुमार ने बताया कि जिले के 943 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जानी है. इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 21 जनवरी से स्थैतिक निगरानी टीमों को एक्टिवेट करते हुए उन्हें ऑब्जर्वर को निर्देशित किया जाए । सभी निगरानी टीमों को चेकिंग के दौरान सरलता से व्यवहार करने और महिलाओं की जांच के दौरान महिलाकर्मी भी साथ रखें । अभद्र व्यवहार की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने नोडल अधिकारी को सभी टीमों को वर्चुअल माध्यम से किसी भी व्यक्ति के संदेह पर जांच के दौरान व्यवहार में विनम्रता बनाए रखने का निर्देश दिया है.