नई दिल्ली, PAHAAD NEWS TEAM
इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी (नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा इंडिया गेट पर लगेगी). इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, यह उनके प्रति भारत के ऋणी होने का प्रतीक होगा ।” आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी के इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति का शुक्रवार को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जलती हुई ज्योति में विलय किया जाएगा. सेना के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अमर जवान ज्योति की स्थापना 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में की गई थी।
At a time when the entire nation is marking the 125th birth anniversary of Netaji Subhas Chandra Bose, I am glad to share that his grand statue, made of granite, will be installed at India Gate. This would be a symbol of India’s indebtedness to him. pic.twitter.com/dafCbxFclK
— Narendra Modi (@narendramodi) January 21, 2022
इस युद्ध में भारत की विजय हुई और बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इसका उद्घाटन 26 जनवरी 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। सेना के अधिकारियों ने बताया कि अमर जवान ज्योति का शुक्रवार दोपहर को नेशनल वॉर मेमोरियल में जलती हुई लौ के साथ विलय किया जाएगा जो इंडिया गेट के दूसरी तरफ से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी 2019 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। जहां 25,942 सैनिकों के नाम सुनहरे अक्षरों में लिखे गए हैं।
वहीं, केंद्र सरकार के अमर जवान ज्योति का राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में विलय करने के फैसले से कांग्रेस उग्र हो गई है, लेकिन कई पूर्व सैनिक इसकी प्रशंसा कर रहे हैं.
पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसकी आलोचना की और वादा किया कि हम अमर जवान ज्योति को फिर से जलाएंगे। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी इसकी आलोचना की है. मनीष तिवारी ने ट्वीट कर लिखा कि जो कुछ भी हो रहा है वह राष्ट्रीय त्रासदी है और इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास है। अमर जवान ज्योति को युद्ध स्मारक मशाल में मिलाने का मतलब है इतिहास मिटाना। बीजेपी ने बनाया राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, इसका मतलब यह नहीं कि वे अमर जवान ज्योति को बुझा सकते हैं

