नई दिल्ली, PAHAAD NEWS TEAM

भारत और चीन सीमा विवाद पर सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने यह बयान भारत की तैयारियों पर दिया है।

प्राचीन शासन नीति पर चल रहा है अध्ययन : जनरल नरवणे

सेना प्रमुख नरवणे ने कहा कि एलएसी पर स्टैंडऑफ दिखाता है कि हमारे बूट ऑन जमीन पर हैं और हम अपनी अखंडता और संप्रभुता की रक्षा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमें ‘आत्मनिर्भर-सेना’ तैयार करनी है। जो लड़ाई के दौरान न केवल स्वदेशी हथियारों से लैस हो बल्कि उसकी रणनीति भी स्वदेशी हो। इसके लिए भारतीय सेना देश की प्राचीन स्टेटक्राफ्ट नीति का अध्ययन कर रही है। इसमें चाणक्य का ‘अर्थशास्त्र’ शामिल है, जो बताता है कि राजशाही के लिए ‘कठोर शक्ति’ क्यों आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मैं सीडीएस जनरल बिपिन रावत के बयान को दोहराता हूं कि ‘भविष्य के युद्ध स्वदेशी हथियारों से जीते जाएंगे’।

सेना प्रमुख ने यह बात भारतीय सेना और सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज के दो दिवसीय वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। इस सम्मेलन का विषय फ्यूचर वॉर्स एंड काउंटर मेजर्स’ है।