पौड़ी , PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड में इस बार 5वें विधानसभा चुनाव में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. चुनाव आयोग ने चुनाव में कुछ बदलाव किए हैं। ये बदलाव वोटिंग के वक्त वोटर्स की सुविधा के लिए किए गए हैं. वहीं मास्टर ट्रेनर के तौर पर कई घंटे चुनाव की तकनीकी जानकारी देने वालों का भी मानदेय तय किया गया है. इस चुनाव में ईवीएम के एडवांस वर्जन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अपने पहले के मॉडल से काफी ज्यादा एडवांस है।
पहला बदलाव: चुनाव में EVM का मॉडल नंबर 3 यानी EVM M-3 का इस्तेमाल होने जा रहा है. इस मशीन में कई खूबियां होने के अलावा यह मॉडल अपने पहले वाले मॉडल से भी काफी एडवांस है। पहले की ईवीएम में 64 से अधिक उम्मीदवार होने की स्थिति में मतदान के लिए मतपत्र का उपयोग करने का प्रावधान था। ईवीएम एम-3 में दो सौ से ज्यादा उम्मीदवार होने पर भी ईवीएम में बैलेट यूनिट के जरिए वोटिंग की व्यवस्था की जा सकती है. बीईएल द्वारा बनाई गई ईवीएम एम-3 में छोटी-मोटी खामियां होने पर मशीन उसे स्वत: ठीक कर देती है। यानी अगर सॉफ्टवेयर में कोई खराबी आती है तो वह उसे पकड़ लेगा और मशीन की डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखने लगेगा. EVM M-3 में टैम्पर डिटेक्शन का फीचर है। अगर कोई इससे छेड़छाड़ करता है तो मशीन अपने आप काम करना बंद कर देगी।
दूसरा बदलाव: देश में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को काम के बदले दाम देने की परंपरा चली आ रही है, लेकिन कई दौर की ट्रेनिंग देने वाले मास्टर ट्रेनर्स को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया. अब ऐसे कर्मियों को चुनाव आयोग द्वारा मानदेय का भुगतान किया जाएगा, जिससे मास्टर ट्रेनर काफी उत्साहित है.
तीसरा बदलाव: 2022 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के एजेंटों के लिए भी बदलाव किया गया है. नए नियम के मुताबिक, राजनीतिक दल का एजेंट वही होगा, जो उसी पोलिंग बूथ का वोटर भी होगा. यानी पहले की तरह अब कोई भी बूथ का एजेंट नहीं बन पाएगा.
चौथा बदलाव: विधानसभा चुनाव 2022 में मतदाता ईवीएम में पार्टी के चुनाव चिह्न के साथ उम्मीदवार की रंगीन फोटो देखेंगे. चुनाव आयोग ने ऐसा बदलाव किया है ताकि अशिक्षित मतदाता आसानी से अपने उम्मीदवार की पहचान कर सकें। जिसमें उम्मीदवार की फोटो ईवीएम एम-3 में दाहिनी ओर लगाई जाएगी। मतदाता ईवीएम में वोट डालते समय अपने उम्मीदवार को देखेगा।

