नैनीताल , PAHAAD NEWS TEAM

पिछले 3 माह से वेतन न मिलने से नाराज नगर निगम के सफाई कर्मियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार (नैनीताल में नगर निगम के कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार) शुरू कर दिया है. पिछले एक माह से सफाई कर्मी वेतन की मांग को लेकर नगर पालिका के कार्यपालक अधिकारी से बात कर रहे थे. बुधवार को नगर पालिका के कार्यपालक अधिकारी से कर्मचारियों की वार्ता विफल होने पर कर्मचारियों ने 24 घंटे के भीतर नगर पालिका प्रशासन को वेतन देने की मांग की थी. यह भी चेतावनी दी गई कि 24 घंटे के भीतर वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो सभी कर्मचारियों को काम का बहिष्कार करने के लिए मजबूर किया जाएगा. जिसके बाद से कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं।

प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका पर आरोप लगाया कि अप्रैल 2022 तक राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन के लिए राशि जारी की है. बावजूद इसके कर्मचारियों को नगर पालिका द्वारा समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन ने ठेकेदारों व अन्य को उनके वेतन की राशि से भुगतान कर दिया है. जिससे उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।

सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद ने बताया कि नगर पालिका में 194 स्थायी, 56 अस्थायी सफाई कर्मचारी हैं. जिन्हें नगर पालिका के अड़ियल रवैये के कारण लंबे समय से वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते स्थाई कर्मचारियों द्वारा कार्य बहिष्कार की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स और नियमित कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से नगर पालिका द्वारा वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. यहां तक कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी समय पर पेंशन नहीं मिली है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पिछले 2 वर्षों से अर्जित अवकाश का भुगतान नहीं किया गया है। तीन साल से कर्मचारियों के मेडिकल बिल का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारी लगातार नगर पालिका के अधिकारियों के संपर्क में हैं. बावजूद इसके कर्मचारियों की नगर पालिका द्वारा अनदेखी की जा रही है।

नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों के वेतन के लिए 12 करोड़ रुपये की राशि दी गई थी, जिसमें से सभी कर्मचारियों को भुगतान कर दिया गया है. नगर पालिका में 250 सफाई कर्मचारी हैं, जिनका वेतन 1 करोड़ 75 लाख प्रतिमाह है। सरकार की ओर से दी गई राशि पूरी तरह खत्म हो चुकी है। जिससे वेतन भुगतान में दिक्कत आ रही है।