देहरादून , पहाड़ समाचार टीम
उत्तराखंड में कांग्रेस को एक बार फिर अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा है. पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार कांग्रेस 11 सीटों में से सिर्फ 18 सीटों के आंकड़े तक ही पहुंच पाई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष हरीश रावत खुद अपनी सीट नहीं बचा सके. चुनाव में करारी हार के बाद देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में सन्नाटा पसरा हुआ है।
वहीं कांग्रेस के पदाधिकारी इस हार का स्वागत लोकतंत्र का जनादेश बता कर रहे हैं. विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में मंथन की तैयारी तेज हो गई है. हार की समीक्षा के लिए राज्य के वरिष्ठ नेता और आलाकमान जल्द ही बैठक करेंगे.
प्रदेश कांग्रेस संगठन मंत्री मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि चुनाव परिणाम हमारी उम्मीदों के विपरीत आए हैं, लेकिन यह लोकतंत्र है, हमें इसके जनादेश को स्वीकार करना होगा. उन्होंने कहा कि हार के बाद भी कांग्रेस मजबूत विपक्ष के तौर पर लोगों की आवाज बुलंद करती रहेगी. उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों पर कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। जोशी ने कहा कि बड़े नेताओं की हार पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। चुनाव में जहां खामियां रह गई हैं, उसके लिए जल्द ही प्रदेश के आलाकमान और वरिष्ठ नेता बैठेंगे. जिसके बाद सभी बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा।
बता दें कि कांग्रेस ने मतगणना के लिए राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन में वॉर रूम बनाया था. जहां शुरुआती दौर की मतगणना में चहल पहल देखने को मिल रही थी, लेकिन चुनाव नतीजों में पिछड़ने के बाद कांग्रेस का वार रूम भी धीरे-धीरे खाली हो गया. दोपहर तक कांग्रेस भवन में सन्नाटा पसरा रहा।

