पौड़ी , PAHAAD NEWS TEAM

मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण (एमएसीटी) के अपर जिला न्यायाधीश तरुण की अदालत ने वर्ष 2018 में पौड़ी के धुमाकोट तहसील के अंतर्गत भीषण बस दुर्घटना में मारे गये लोगों के आश्रितों को 1.01 करोड़ रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किये । प्राधिकरण ने यह राशि एक माह के भीतर भुगतान करने का भी आदेश दिया है। इतना ही नहीं देरी की स्थिति में यह राशि बीमा कंपनी को 7 प्रतिशत की दर से देनी होगी।

जुलाई 2018 में पौड़ी जिले में धुमाकोट तहसील के अंतर्गत एक बस का एक्सीडेंट हो गया था. इस भीषण हादसे में 45 लोगों की समय से पहले मौत हो गई। बस में सवार 5 लोगों के परिजनों ने बस की बीमा कंपनी से मृतक आश्रितों के जीवन की प्रतिपूर्ति की गुहार लगाई थी. जिस पर प्राधिकरण ने प्रतिपूर्ति के दावों की जांच के बाद द ओरिएंटल इंश्योरेंस इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजे की राशि 1.01 करोड़ के भुगतान का आदेश दिया।

मामले में पहला केस : बस में यात्रा कर रही टंडोली, अंदरोली निवासी सावित्री देवी (38) की मौत हो गई थी. वह पशुपालन और सब्जी उत्पादन करती थी। इससे उन्हें 15,000 मासिक वेतन मिलता था। प्रतिपूर्ति के लिए, उनके पति कुंवर सिंह की बेटियों नेहा और निकिता और बेटे नीरज की ओर से दावा किया। गया जिस पर प्राधिकरण ने उनके कुल 10.88 लाख के दावे को स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को भुगतान करने के आदेश दिए हैं।

मामले में दूसरा केस : पौड़ी जिले के धुमाकोट में हुए बस हादसे में उमरू खटीमा निवासी दीपिका बिष्ट (26) की भी मौत हो गई. उनके पिता नंदन सिंह बिष्ट ने दावा दायर कर बीमा कंपनी से 24.50 लाख रुपये की मांग की थी. प्राधिकरण ने जांच कर कुल 7.35 लाख का दावा स्वीकार किया है। बस में सवार नंदन सिंह बिष्ट की पत्नी सरिता देवी (55) की भी मौत हो गई। उसकी पत्नी पशुपालन और सब्जी उत्पादन का काम करती थी। नंदन सिंह बिष्ट ने इसके लिए 26.50 लाख रुपये की मांग की थी. प्राधिकरण ने इस मामले में 5.87 लाख रुपए भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं।