मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM
महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में कैरियर एवं मोटिवेशन के प्रति जागरूक रहने के टिप्स घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी के संयोजक अजय ओली ने दिए और कहा कि जिस काम में मजा आता है उसी में अपना भविष्य बनाएं. इस मौके पर छात्रों ने उनसे सवाल भी किए जिनका उन्होंने संतोषजनक जवाब दिया।
स्कूल के सभागार में अपने संबोधन में अजय ओली ने कहा कि उनके माता-पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने लेकिन उन्होंने अपना फैसला खुद लिया और अपना भविष्य खुद बनाया। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों से संपर्क कर उन्हें नशे से दूर रखना और आवारा बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनमें शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है. उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में उन्होंने नंगे पांव 1.5 लाख किमी से अधिक की दूरी तय की है और उम्मीद है कि मैं अपने उद्देश्य में सफल रहूंगा.
उन्होंने बच्चों से कहा कि वे खुद को पहचानें, अपने फैसले खुद लें और पूरी ताकत से नकारात्मकता को छोड़कर सकारात्मकता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। यदि इन तीन बातों का ध्यान रखा जाए तो वह जीवन में अवश्य ही सफल होता है। क्योंकि हमें समाज की बेड़ियों के बीच सामंजस्य बिठाकर काम करना है, लेकिन अगर हम अपने मन की सुनें और उस दिशा में काम करें, तो हम समाज को एक नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उन्होंने 1.5 लाख किमी की यात्रा की है, जिसमें एक लाख दस हजार किमी पैदल है और अब तक वे साढ़े चार लाख बच्चों से मिल चुके हैं और देश के 111 शहरों में कार्यक्रम और 13 हजार से अधिक सेमिनार व सेशन कर चुका हूं। ताकि मैं ज्यादा से ज्यादा बच्चों से जुड़ सकूं और अपनी बात रख सकूं ताकि देश को एक आदर्श राष्ट्र बनाया जा सके. उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें राष्ट्रपति से युवा पुरस्कार मिला था, जो उत्तराखंड को दस साल बाद मिला है, जिस पर मुझे गर्व है कि यह राष्ट्रीय युवा पुरस्कार उत्तराखंड को दिया जा सका.
उन्होंने कहा कि घनश्याम ओली चाइडल वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से वह बच्चों के उत्थान के लिए काम करती हैं और अब तक यह जागरूकता यात्रा भारत सरकार, लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड तथा इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड लार्जेस्ट अवेयरनिस कैंपेनिंग को दी जा चुकी है.


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