देहरादून , पहाड़ न्यूज टीम
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का उत्साह जोरों पर है. चारों धामों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने 78 तीर्थयात्रियों को बिना दर्शन किए बैरंग लौटा दिया है। दरअसल चार धामों में हुई मौतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कुछ खास इंतजाम किए हैं. जिसके बाद स्वास्थ्य जांच के साथ ही विभिन्न सुविधाओं के लिए कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के महज 22 दिनों में अब तक 10 लाख 26 हजार लोग यात्रा के लिए पहुंच चुके हैं. वहीं, पिछले 24 घंटे में 16 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। चारों धामों में मरने वालों की संख्या 91 पहुंच गई है। जिस तरह से यह आंकड़ा बढ़ रहा है, उससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है, वहीं सरकार भी इसे लेकर चिंतित है। लगातार हो रही मौतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग पर अपनी तैयारियों को सार्वजनिक कर विभाग की तैयारियों की जानकारी दी है.
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर 48 स्थायी और अस्थायी चिकित्सा इकाइयां कार्यरत हैं. इसके अलावा संवेदनशील जगहों पर 11 फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर यूनिट भी काम कर रही हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि यात्रा मार्ग पर 24 फिजीशियन, 133 चिकित्सक, 12 ऑर्थोपेडिक सर्जन और 65 नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर तैनात किया गया है. यात्रा मार्गों पर 117 एंबुलेंस तैनात की गई हैं, जिसके जरिए अब तक 214 घायल यात्रियों को इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाया गया है. खास बात यह है कि चारधाम यात्रा के लिए आए 78 तीर्थयात्री बिना दर्शन किए वापस लौट गए हैं। ये वो भक्त हैं जो यात्रा की स्क्रीनिंग के दौरान पूरी तरह से स्वस्थ नहीं पाए गए।

