चंपावत , PAHAAD NEWS TEAM
भारत-नेपाल सीमा को चंपावत उपचुनाव के मद्देनजर सील कर दिया गया है. चंपावत में 31 मई को मतदान होना है, जिसके चलते टनकपुर- बारमदेव नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है. चंपावत जिला प्रशासन का कहना है कि उपचुनाव के लिए मतदान के बाद एक जून को फिर से सीमा को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा.
आपको बता दें कि इन दिनों उत्तराखंड की चंपावत विधानसभा में सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. यहां उपचुनाव से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की साख जुड़ी है. वहीं, विपक्षी पार्टी कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी भी मैदान में हैं। ऐसे में चंपावत विधानसभा के लिए 31 मई को मतदान होना है. इसलिए चुनाव आयोजन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने भी यहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. चुनाव से 72 घंटे पहले भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है, ताकि चंपावत उपचुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो सके.
वहीं, पिछले दिनों चंपावत उपचुनाव कराने के लिए भारत-नेपाल सीमा समन्वय समिति की वर्चुअल बैठक हुई थी. जिसमें पड़ोसी देश नेपाल ने चुनाव के दिन आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया था। ऐसे में इस बैठक में फैसला लिया गया कि मतदान के 72 घंटे पहले भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा. जिसके तहत दोनों देशों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। वहीं, मतदान पूर्ण होने के बाद एक जून को आम लोगों की आवाजाही के लिए बॉर्डर खोल दिया जाएगा.

