मसूरी, पहाड़ न्यूज टीम
चंबा-मसूरी फल पट्टी क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से जल्द निजात मिलने की उम्मीद है. क्षेत्र की 27 ग्राम पंचायतों के लिए बनाई जा रही चंबा-मसूरी फलपट्टी ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजना का ट्रायल शुरू हो गया है. अब तक ट्रायल सफल रहा तो जल निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस योजना से अगस्त से पहले जलापूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा है.
चंबा-मसूरी फल पट्टी क्षेत्र पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है, लेकिन पानी की समस्या से ग्रामीणों के साथ-साथ होटल व्यवसायियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहे क्षेत्र की पेयजल समस्या से निपटने के लिए वर्ष 2015-16 में सौंग नदी हटवाल गांव से सुरकंडा मंदिर तक पंपिंग पेयजल योजना स्वीकृत की गयी थी. 41 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस योजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जल निगम ने जून के पहले सप्ताह से ट्रायल शुरू कर दिया है. 33 किमी पंपिंग योजना का ट्रायल पूरा करने में निगम को एक माह का समय लग सकता है, जिससे उम्मीद है कि अगस्त माह से फल पट्टी क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा मिल सकेगी.
20 हजार की आबादी को मिलेगा पानी
नई टिहरी, पहाड़ न्यूज टीम
हटवाल गांव में सौंग नदी से बनी 33 किलोमीटर पेयजल योजना से 27 ग्राम पंचायतों के 142 टोक लाभान्वित होंगे. साल 2036 के लिए बनाई गई इस योजना से अब करीब 20 हजार की आबादी को सुबह-शाम पानी मिलेगा। 16 घंटे की पंपिंग में प्रतिदिन 30 लाख लीटर पानी फिल्टर करने की क्षमता वाली इस योजना को वर्ष 2019 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन आनंद चौक और बनाली के ग्रामीणों के विरोध के चलते अब काम पूरा हो पाया है।
चंबा-मसूरी फलपट्टी पंपिंग पेयजल योजना का समस्त कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इन दिनों इस योजना का ट्रायल चल रहा है। ट्रायल में सिर्फ एक महीने का समय लगेगा। अगस्त माह से सुबह-शाम जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
रविंद्र बिष्ट, सहायक अभियंता जल निगम चंबा।

