विकास नगर :उत्तराखंड राज्य के पछवा दून विकास नगर क्षेत्र में अवैध ड्रग तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि राज्य की सीमा से चरस तस्कर आसानी से उत्तराखंड में प्रवेश कर जाते हैं, इसके बाद सहसपुर विकासखंड के सेलाकुई क्षेत्र हो या विकास नगर क्षेत्र यह पढ़ने वाले स्कूल कॉलेजों के छात्र छात्राओं को अवैध नशा पदार्थ बेचकर मोटी कमाई कर लेते हैं! नशा तस्करी रोकने के लिए सीमांत गांव के ग्रामीणों ने कई बार पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ.
चमोली जिले के एक कार चालक को कोतवाली विकासनगर पुलिस ने डेढ़ किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। जब्त चरस की कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के मुताबिक बुधवार देर रात कोतवाली पुलिस की टीम गश्त पर थी. इस दौरान शक्ति नहर पुल नंबर दो के पास पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रोका और उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान पुलिस ने चालक के पास से डेढ़ किलो चरस बरामद की। आरोपी कार चालक राकेश सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी ग्राम रानीहाट पोस्ट ऑफिस बंगाली थाना चमोली जिला को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात कमलेश उपाध्याय ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी चालक ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह ऋषिकेश-चमोली मार्ग पर कार चलाता है. अपने गांव रानीहाट में चरस बनाने का काम वह खुद करते हैं। देहरादून में चरस महंगे दामों पर बिकता है। सवारी कार होने पर पुलिस भी चेकिंग नहीं करती ।
इसलिए वह चरस की तस्करी भी करता है। बताया कि वह विकासनगर में ग्राहकों की तलाश में आया था। जहां पुलिस ने उसे पकड़ लिया। एसपी देहात ने बताया कि जब्त चरस का बाजार मूल्य करीब दो लाख रुपये है. बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
पुलिस टीम में कोतवाल शंकर सिंह बिष्ट, एसएसआई दीपक मैठाणी, चौकी प्रभारी डाकपत्थर अर्जुन सिंह गुसाईं, बाजार चौकी प्रभारी किशन देवरानी, कांस्टेबल रविपाल व रजनीश शामिल थे.

