देहरादून : विधानसभा भर्ती मामले की जांच रिपोर्ट गुरुवार की देर रात कोटिया जांच समिति ने अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को सौंपी. स्पीकर ने बताया कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के दो दिवसीय दौरे के कार्यक्रम में थीं. गुरुवार की देर रात उनके देहरादून स्थित सरकारी आवास पर पहुंचने पर जांच कमेटी ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी है.
अध्यक्ष ने कहा कि जांच रिपोर्ट सौंपते समय जांच समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया, एसएस रावत एवं अवनेंद्र सिंह नयाल मौजूद थे. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने इस संबंध में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि समिति ने नियुक्तियों को रद्द करने की सिफारिश की है. सरकार को नियुक्तियों को रद्द करने का प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार को 228 नियुक्तियों को रद्द करने का प्रस्ताव भेजा गया है।

इन भर्तियों को रद्द करने की अनुशंसा : अध्यक्ष ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद 2016 की 150 भर्तियां, 2019 की 6 भर्तियां और 2021 की 72 भर्तियां रद्द करने की अनुशंसा सरकार को भेजी है.
विधानसभा में 72 लोगों की नियुक्ति : आपको बता दें कि विधानसभा में भर्ती को लेकर जमकर भाई-भतीजावाद हुआ है. विधानसभा में 72 लोगों की नियुक्ति में मुख्यमंत्री के कर्मचारी विनोद धामी, ओएसडी सत्यपाल रावत से लेकर पीआरओ नंदन बिष्ट तक की पत्नियों को लगाया गया है. इतना ही नहीं मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के पीआरओ की पत्नी और रिश्तेदार को भी नौकरी दी गई है. मदन कौशिक के पीआरओ आलोक शर्मा की पत्नी मीनाक्षी शर्मा को विधानसभा में नौकरी मिल गई है, जबकि दूसरे की पत्नी को आसानी से विधानसभा में नौकरी मिल गई.
इन पदों पर भर्ती: अपर निजी सचिव समीक्षा, अधिकारी समीक्षा अधिकारी, लेखा सहायक समीक्षा अधिकारी, शोध एवं संदर्भ, व्यवस्थापक, लेखाकार सहायक लेखाकार, सहायक फोरमैन, सूचीकार, कंप्यूटर ऑपरेटर, कंप्यूटर सहायक, वाहन चालक, स्वागती, रक्षक पुरुष और महिला . ऐसे में भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा में जबरदस्ती भाई-भतीजावाद करने के मामले की जांच की मांग की थी.

