विरासत महोत्सव के पांचवें दिन की शुरुआत ‘विरासत साधना’ कार्यक्रम से हुई। छात्र-छात्राओं ने कथक और भरतनाट्यम के माघ्यम से घुँघरू की थाप,शिव स्तुति, गणेश व शिव आराधना, पनघट पे छेड़छाड नृत्य पर अपने भाव से मन मोह लिया।
पांचवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत देहरादून के विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बच्चों ने विरासत साधना में भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति से हुई। इसमें बच्चों ने शानदार परफॉर्मेंस देकर मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में झंकार डांस स्कूल की छात्रा रितिका गुलाटी ने कथक में शानदार प्रस्तुति दी. इसमें उन्होंने मनोरमा नेगी (निर्देशन) नुतम भट्ट (वोकल एवम हारमोनियम), हेमंत मिश्र कांथा (तबला), श्रृष्टि एवम अनन्या( बदनी) से शानदार जुगलबंदी की और अपने घुँघरू की थाप से सभी को मंच की ओर खींचा. बाद की प्रस्तुति में रावत (दून इंटरनेशनल स्कूल) ने कथक में शिव स्तुति प्रस्तुत की।
इसी तरह विशाल सिंह (संत कबीर अकादमी) ने गणेश और शिव पूजा में सुंदर प्रदर्शन किया। अनवेसा रावत (समर वैली स्कूल) ने कथक (पनघट पे छेड़छाड) में अपनी कला का प्रदर्शन किया। उसके बाद कथक में दिव्यानी चौहान (डीएवी पब्लिक स्कूल) कथक में और अंत में रवीना भंडारी (फिलफोर्ट स्कूल) भरतनाट्यम का प्रदर्शन कर कार्यक्रम का समापन किया। प्रशंसा के स्वरूप में (कॉर्डिनेटर रीच साधना) कल्पना ने उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में 12 स्कूलों और विश्वविद्यालयों के कुल 12 बच्चों ने भाग लिया।


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