देहरादून : उत्तराखंड इगास पर्व (पुरानी दिवाली) के लोक उत्सव पर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने शिरकत की.

इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्य ने भैलो खेला और प्रदेशवासियों को इस लोक पर्व की बधाई व शुभकामनाएं दीं।

इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री ने माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस सार्वजनिक अवकाश को राजकीय अवकाश घोषित करने पर बधाई दी.

उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड की अपनी संस्कृति के कारण एक अलग पहचान है, लेकिन वर्तमान में हम कहीं न कहीं अपनी संस्कृति और लोक उत्सवों को भूल रहे हैं, यह हमारी नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि हम अपनी परंपराओं और संस्कृति को ऐसे बचाएं कि हमारी संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं को बनाए रखने के लिए, हमें कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है ताकि हम अपनी अलग पहचान बनाए रख सकें।

पारंपरिक जौनसार -बाबर  पोशाक में पहुंची कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने स्थानीय जनता और कार्यक्रम के आयोजकों को धन्यवाद दिया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि जौनसार-बाबर की लोक संस्कृति को करीब से देखने के लिए यहां आने का सौभाग्य उन्हें मिला है. भारत के लोग आज भी अपनी संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।

कैबिनेट मंत्री ने इगास पर्व की जानकारी देते हुए कहा कि दिवाली के ठीक 11 दिन बाद ईगास मनाने की परंपरा है। दरअसल, इस दिन दिवाली का त्योहार अपने चरम पर पहुंच जाता है, इसलिए त्योहारों की इस श्रृंखला का नाम ईगास-बग्वाल रखा गया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास से अयोध्या लौटने पर कार्तिक कृष्ण अमावस्या पर लोगों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। लेकिन, दीपावली के ग्यारह दिन बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को राम के गढ़वाल क्षेत्र में लौटने की सूचना मिली, इसलिए ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त की और एकादशी को दीपावली मनाई।

इस अवसर पर कैंट विधानसभा से विधायक सविता कपूर , पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल , मेला समिति अध्यक्ष अमर सिंह , पूर्व जिला पंचायत सदस्य गीता चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य कुलदीप चौहान ,मंडल महामंत्री प्रवीण ,रण सिंह चौहान , गुलाब सिंह , जिला सोशल मीडिया प्रभारी वीरेंद्र सिंह  सहित स्थानीय जनता मौजूद रही।