हरिद्वार : कोटद्वार में 11 से 13 नवंबर तक आर्य समाज का महासम्मेलन आयोजित किया गया है। आर्य प्रतिनिधि सभा, उत्तराखंड के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय आम सम्मेलन में देश और समाज की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। इसके 5 सत्र होंगे, जिसमें प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। महासम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे. उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के महासचिव आचार्य बालकृष्ण करेंगे.

आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रांतीय कोषाध्यक्ष आर्य प्रवीण वैदिक ने बुधवार को प्रेस क्लब में संवाददाताओं से कहा कि सम्मेलन के दौरान समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और व्यापार के साथ-साथ लगातार बढ़ रहे अपराध, भ्रष्टाचार पर भी चर्चा की जाएगी. समाज में सांप्रदायिकता, जातिवाद। क्षेत्रवाद, भाषावाद समेत कई बिंदुओं पर चर्चा होगी. इसके बाद उनके समाधान को लेकर प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सामाजिक संस्थाओं का सर्वोत्तम समाधान हम वेदों से ही प्राप्त कर सकते हैं और आर्य समाज संगठन की स्थापना महर्षि दयानन्द सरस्वती ने वेदों की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार केवल समाज सुधार और व्यक्तित्व निर्माण के लिए की थी। आज समाज को मद्यपान, धूम्रपान, मांसाहार आदि से बचाने की आवश्यकता है। इस महासम्मेलन के माध्यम से जन-जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा। आर्य प्रतिनिधि सभा, पंजाब द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देश भर से करीब ढाई हजार प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के डॉ. योगेश शास्त्री, सह संयोजक डॉ. महेंद्र अरोरा, आर्य प्रतिनिधि सभा हरिद्वार के उप प्रधान श्याम सिंह तथा उप मंत्री चंद्रप्रकाश भी मौजूद थे.