देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देहरादून ऑब्सेटेट्रिक्स एवं गाईन सोसाइटी द्वारा होटल राजपुर रोड, देहरादून में आयोजित ‘नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन यात्रा-एनीमिया नेशनल राइड’ कार्यक्रम में शामिल हुए.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज में चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निःस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोग सदैव जनसेवा करते हैं। आशा और अपेक्षा के बिना स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता का कार्य निश्चय ही पुण्य का कार्य है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर महिला स्वास्थ्य जन आंदोलन कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक क्षेत्र का महान अभियान बताया।
चंपावत के मायावती अद्वैत आश्रम में रहने का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां मायावती अस्पताल में उनकी मुलाकात सूरत के एक डॉक्टर से हुई. वह निःस्वार्थ भाव से मायावती आश्रम के अस्पताल में साल में दो महीने मुफ्त में अपनी सेवा देने आते हैं। उन्होंने कहा कि निःस्वार्थ भाव से जनसेवा करने वाले ऐसे सभी लोग मानवता की सेवा करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सफल जीवन वही है जो दूसरों की सेवा में समर्पित रहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चे और अच्छे दिल से लोगों की सेवा करने से बड़ी कोई सेवा नहीं है, इससे आपको आत्मिक संतुष्टि मिलती है. उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य क्षेत्र की योजना आयुष्मान भारत योजना चलाई जा रही है, जिसमें सालाना 5 लाख रुपये के इलाज की गारंटी मिलती है। उन्होंने कहा कि एनीमिया के प्रति लोगों को जागरूक करना वास्तव में मातृशक्ति की बहुत बड़ी सेवा है। उत्तराखंड में मातृशक्ति के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने राष्ट्रहित और मातृशक्ति के बढ़ते कदमों को मजबूती देने के लिए हमेशा प्रतिबद्धता के साथ प्रयास किया है. यह अभिनव पहल देवभूमि उत्तराखण्ड सहित भारत के अन्य क्षेत्रों में अपने उद्देश्य की पूर्ति कर स्त्री रोग उपचार की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि देवभूमि की मातृशक्ति को सशक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में इसी प्रकार के प्रयास अवश्य ही फलीभूत होंगे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे राज्य का पूरे देश में रक्तदान में तीसरा स्थान है, टीवी मुक्त भारत में पहला स्थान है और एनीमिया से लड़ने के क्षेत्र में शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है,
उन्होंने बताया कि अब तक 50 लाख के आयुष्मान कार्ड लोगों को उत्तराखंड राज्य में बनाया गया है, जिसमें से 6 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिला है। साथ ही पूरे प्रदेश में जल्द ही डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने का काम भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी स्टॉप बढ़ाने के संबंध में राज्य सरकार पहाड़ी क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी को 50 प्रतिशत अधिक वेतन देने पर सहमत हुई है, जिससे फैकल्टी डॉक्टरों की कमी पूरी होगी. .
इस अवसर पर महापौर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा ऋषिकेश पई, देहरादून की अध्यक्ष डॉ. आरती लूथरा डॉ. माधुरी पटेल, डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ राधिका रतूड़ी, डॉ अजय खन्ना सहित अन्य चिकित्सक, शिक्षक आदि उपस्थित थे।

