संयुक्त राष्ट्र: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए बुधवार को पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस देश ने अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन की मेजबानी की और अपने पड़ोसी देश की संसद पर हमला किया, उसके पास ‘उपदेश’ देने की कोई विश्वसनीयता नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता हमारे समय की प्रमुख चुनौतियों, चाहे वह महामारी हो, जलवायु परिवर्तन, संघर्ष या आतंकवाद हो, के प्रभावी जवाब पर निर्भर करती है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा और सुधारित बहुपक्षवाद के लिए एक नई दिशा’ पर एक खुली बहस की अध्यक्षता करते हुए जयशंकर ने कहा कि हम आज स्पष्ट रूप से बहुपक्षवाद में सुधार की तात्कालिकता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। स्‍वाभाविक रूप से हमारे अपने विशेष विचार होंगे, लेकिन कम से कम एक सहमति बढ़ रही है कि इसमें और देरी नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि दुनिया जिसे अस्वीकार्य मानती है उसे सही ठहराने का सवाल ही नहीं उठना चाहिए। यह निश्चित रूप से सीमा पार आतंकवाद के राज्य प्रायोजन पर लागू होता है। न ही ओसामा बिन लादेन की मेजबानी करना और पड़ोसी देश की संसद पर हमला करना इस परिषद के सामने उपदेश देने के लिए प्रमाणिकता के रूप में काम कर सकता है। गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2001 को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने संसद पर हमला किया था।

इस हमले में दिल्ली पुलिस के पांच कर्मी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक महिला कर्मी और दो सांसद आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे. हमले में एक कर्मचारी और एक कैमरामैन की भी मौत हो गई थी ।