हल्द्वानी : एक राज्य, एक रॉयल्टी की मांग को लेकर पिछले दो माह से खनन कारोबार से जुड़े वाहन मालिकों व खनन कारोबारियों का धरना तेज हो गया है। हल्द्वानी में बुधवार को गौला खनन संघर्ष समिति के बैनर तले वाहन मालिकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. गौला संघर्ष समिति के बैनर तले वाहन मालिकों ने एक राज्य एक रॉयल्टी की मांग के साथ-साथ खनन व्यवसाय से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर राज्य सरकार से गुहार लगाई है. हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भी गौला खनन संघर्ष समिति के आंदोलन का समर्थन किया है.
खनन का विरोध कर रहे हजारों वाहन मालिकों का कहना है कि सरकार की निष्क्रियता से गौला और नंधौर नदी का खनन कारोबार चौपट हो रहा है. रॉयल्टी में असमानता का हल्द्वानी क्षेत्र का कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। लिहाजा इस बार खनन शुरू होने से पहले वाहन मालिकों ने राज्य में रायल्टी लागू करने और लेवलिंग की अनुमति रद्द करने समेत कई मांगें सरकार से की. लेकिन दिसंबर का महीना खत्म होते ही हजारों वाहन मालिक बेरोजगार हो गए हैं। क्रेशर मालिक माल नहीं खरीदना चाहते, ऐसे में सरकार को भी रोजाना करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती है।
सैकड़ों प्रदर्शनकारी वाहन मालिकों का कहना है कि 7,000 वाहन और 1,100 घोड़ा बुग्गी गोला नदी में पंजीकृत हैं। नंधौर नदी में 3000 से अधिक वाहन स्वामी पंजीकृत हैं। दोनों नदियों में 25000 मजदूर काम करते हैं। इन नदियों की आवाजाही से बाजार में ही 500 करोड़ का व्यापार होता है। ऐसे में इस बार की दिवाली भी खाली ही गई।
कई हाथ बेरोजगार हैं लेकिन कोई इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देता। इस मौके पर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, जीवन कबड़वाल, भगवान सिंह धामी, रमेश जोशी सहित सैकड़ों वाहन मालिक मौजूद रहे।

