मसूरी : विंटर कार्निवाल के तीसरे दिन मसूरी माल रोड से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक उत्तराखंड की लोक संस्कृति के रंग में रंगा रहा। लोक कलाकारों ने विभिन्न स्थानों पर अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विभिन्न शैलियों में आयोजित सांस्कृतिक और साहसिक कार्यक्रमों का पर्यटकों ने आनंद उठाया। जिसमें प्रोमिला नेगी ग्रुप ने शहीद स्थल पर झुमैलों की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं सांस्कृतिक संध्या में मुख्य स्थल पर रामी बौराणी के नाटक की प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
तीसरे दिन हाथीपांव दुधली भदराज ट्रैक पर ट्रेकिंग, बर्डवाचिंक, फोटोग्राफी का आयोजन किया गया। जॉर्ज एवरेस्ट पर सोलो पैराग्लाइडिंग, गांधी चौक पर गोर्खाली सुधार समिति के लोक कलाकारों द्वारा प्रदर्शन, गढ़वाली लोक कलाकार कुसुम नेगी और उनकी मंडली द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
वहीं प्रमिला नेगी व जत्थे ने शहीद स्थल पर झुमैलों सहित कई गानों पर डांस किया।
इसी सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड फिल्म निर्देशक प्रदीप भंडारी द्वारा निर्देशित गढ़वाल के एक फौजी परिवार की 200 साल पुरानी सच्ची कहानी रामी बौराणी के नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। जिसमें सैनिक वीरू लग्न के 5वें दिन देश पर शत्रु के आक्रमण के कारण सरकार के आदेश पर युद्ध में प्रवेश करता है और 12 वर्षों तक उसका कोई अतापता नहीं चलता।

गांव में उनकी पत्नी रामी सहित पूरा परिवार युद्ध की विभीषिका से जूझ रहा है। एक फौजी की पत्नी रामी 12 साल तक अपने पति का इंतजार करती है और एक दिन फौजी का पति भेष बदलकर आता है।जिसे देखकर दर्शक काफी इमोशनल हो गए। साथ ही शगुन सोशल वेलफेयर एंड कल्चरल सोसायटी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, ढोल वादक नंदलाल भारती, रिहा बांद आदि की प्रस्तुति दी गई। होटल गढ़वाल टेरेस में आईटीबीपी करते और आत्मरक्षा कला का प्रदर्शन किया गया, जिसे पर्यटकों ने खूब सराहा।
जिलाधिकारी सोनिका ने सभी प्रतिभागी पर्यटकों, स्थानीय लोगों एवं कलाकारों को कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए बधाई दी। उन्होंने मसूरी के स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से कार्निवाल की दैनिक गतिविधियों में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कार्निवाल में पर्यटकों का मनोरंजन करते हुए स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है.

