देहरादून : प्रदेश के सभी जिलों में मिलेट्स के उत्पादन और बाजार में उपलब्ध कराने के लिये उनसे बने व्यंजनों के लिये अच्छे रेस्टोरेंट में कॉर्नर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये. मोटे अनाज को बढ़ावा देने के संबंध में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में बैठक के दौरान यह निर्देश दिये.

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के स्थानीय मोटे अनाज उत्पाद अपने उच्च पोषण मूल्य के कारण बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों में मंडुवा, झंगोरा आदि को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है.

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के किसानों को मोटे अनाज के उत्पादन में रुचि दिखाने के लिए किसानों को उचित मूल्य और बाजार का आश्वासन देना जरूरी है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मोटे अनाज को स्वस्थ भोजन के रूप में बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि पौष्टिक आहार एवं बाजरे के प्रचार-प्रसार की जानकारी लघु वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध करायी जाये.

इस अवसर पर सचिव बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।