देहरादून : राजधानी देहरादून में प्रस्तावित नियो मेट्रो परियोजना के लिए सरकारी विभाग महज एक रुपये में जमीन देंगे। नियो मेट्रो की डीपीआर पूर्व में स्वीकृत होने के बाद से इसका प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के पास लंबित है। कैबिनेट में प्रस्ताव को मिली मंजूरी
राजधानी में नियो मेट्रो के लिए लाइन बिछाने और इसके स्टेशन बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जिन स्टेशनों पर सरकारी विभागों की जमीन इसके दायरे में आ रही है, वे 99 साल के लिए शहरी विकास के लिए अपनी जमीन देंगे. खास बात यह है कि इस जमीन के लिए सिर्फ एक रुपए शुल्क लिया जाएगा।
आईएसबीटी से घंटाघर : यह रूट साढ़े आठ किमी का होगा। आईएसबीटी, सेवला कलां, आईटीआई, लाल पुल, चमनपुरी, पथरीबाग, रेलवे स्टेशन, कचहरी, घंटाघर और गांधी पार्क में स्टेशन बनाए जाएंगे। इस सड़क के लिए 1.58 हेक्टेयर सरकारी भूमि और 1.18 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
एफआरआई से रायपुर: यह रूट 13.9 किमी लंबा होगा और इसमें 15 स्टेशन होंगे। इनमें एफआरआई, बल्लूपुर, आईएमए ब्लड बैंड, दून स्कूल, मल्होत्रा बाजार, घंटाघर, सीसीएमसी, आराघर चौक, नेहरू कॉलोनी, विधानसभा, अपर बदरीश कॉलोनी, अपर नत्थनपुर, ऑर्डनेंस फैक्टरी, हाथीखाना चौक, रायपुर शामिल हैं।इस मार्ग के लिए 5.08 हेक्टेयर सरकारी और 1.38 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता है। निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी तौर पर करीब आठ हजार वर्ग मीटर जगह की जरूरत होती है।
जानिए नियो मेट्रो के बारे में
मेट्रो नियो एक रेल निर्देशित प्रणाली है। इसमें रबर के टायरों के साथ इलेक्ट्रिक कोच होते हैं। ये कोच स्टील या एल्युमीनियम के बने होते हैं। इसमें इतना पावर बैकअप है कि बिजली गुल होने की स्थिति में भी यह 20 किमी तक चल सकती है। आम सड़कों के किनारे बाड़ लगाकर या दीवार बनाकर इसका ट्रैक तैयार किया जाता है। इसमें ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम होगा जो स्पीड लिमिट को कंट्रोल में रखेगा।टिकटिंग सिस्टम क्यूआर कोड या कॉमन मोबिलिटी कार्ड के जरिए होगा। ट्रैक की चौड़ाई आठ मीटर होगी। 1.1 मीटर का एक साइड प्लेटफॉर्म होगा जहां ट्रेन रुकेगी। इसकी रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा होगी।
कोच में 90 से 225 लोग सफर कर सकते हैं
नियो मेट्रो के कोच दो लंबाई के होंगे। एक कोच 12 मीटर लंबा होता है। इसमें अधिकतम 90 यात्री सवार हो सकते हैं। दूसरा कोच 24 से 25 मीटर लंबा होगा। इसमें 225 यात्री सवार हो सकते हैं। कोच की चौड़ाई ढाई मीटर होगी। प्रत्येक स्टेशन की लंबाई 60 मीटर तक होगी।

