देहरादून :  अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन 1 मार्च को भारत आएंगे। वह जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। बैठक बहुपक्षवाद को मजबूत करने और खाद्य, ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास पर सहयोग को गहरा करने पर केंद्रित होगी। इसके अलावा वह भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भारतीय राजनेताओं और अधिकारियों के साथ भी काम करेंगे। यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग ने दी है।

भारत से पहले इन देशों का दौरा करेगा

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन की यात्रा 28 फरवरी से शुरू होगी। सबसे पहले वह 28 फरवरी को कजाकिस्तान जाएंगे। यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद वह उज्बेकिस्तान भी जाएंगे। एंटनी एक मार्च को भारत आएंगे। यहां वह जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे।

भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है

इस बार भारत दुनिया के सबसे ताकतवर समूह जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। जी-20 समूह में दुनिया के तमाम विकसित देश शामिल हैं, जिनकी विश्व की जीडीपी में हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी बताई जाती है। G20 समूह का गठन 1999 के उत्तरार्ध के वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि में किया गया था, जिसने विशेष रूप से पूर्वी एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को प्रभावित किया था।इसका उद्देश्य मध्यम आय वाले देशों को शामिल करके वैश्विक स्थिरता को सुरक्षित करना है।

G-20 देशों में विश्व की 60% आबादी, वैश्विक GDP का 85% और वैश्विक व्यापार का 75% शामिल है। G-20 ग्रुप में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपियन यूनियन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, कोरिया गणराज्य, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल है । G20 शिखर सम्मेलन में स्पेन को स्थायी अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

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