देहरादून : देहरादून से दिल्ली पहुंचने के बाद नियो मेट्रो परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। तकनीकी विशेषज्ञों ने सुझावों के साथ अध्ययन कर फाइल पीएमओ को सौंप दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय में परियोजना की ऑनलाइन प्रस्तुति दी गई। यहां सबसे पहले देहरादून समेत नासिक में नियो मेट्रो संचालन की चर्चा हुई।

प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन में नियो मेट्रो की तकनीक को यात्रियों के लिए अत्यधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया। PMO ने नासिक और अन्य शहरों की NEO परियोजनाओं पर रिपोर्ट साझा करने और प्रस्तुत करने को कहा। तय हुआ कि कंपाइल प्रोजेक्ट के आधार पर अन्य शहरों में भी नियो मेट्रो प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।

यह पूरी तरह से मेक इन इंडिया और परिवर्तनीय मेट्रो परियोजना होगी। यूकेएमआरसी ने देहरादून में नियो मेट्रो रेल परियोजना के प्रबंधन के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव और प्रस्तुत किया है। राज्य सरकार ने करीब 1600 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा था। प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के पास लंबित था।

देहरादून प्रोजेक्ट की डीपीआर पहले ही तैयार हो चुकी थी

केंद्र सरकार के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम देहरादून से भेजे गए प्रस्ताव में सुधार के लिए शोध कर रही थी। अध्ययन के बाद शोध दल ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी। साथ ही पीएमओ में नियो मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का ऑनलाइन प्रेजेंटेशन दिया। देहरादून से पहले नासिक में नियो मेट्रो चलाने का प्रोजेक्ट तैयार हो गया था।वहां की डीपीआर देहरादून प्रोजेक्ट से पहले ही तैयार हो गई थी। इसीलिए नासिक के अधिकारियों ने पीएमओ में प्रेजेंटेशन का जिम्मा संभाला.

प्रेजेंटेशन के दौरान नासिक समेत देहरादून में नियो मेट्रो को लेकर गंभीर चर्चा हुई। पीएमओ ने स्पष्ट किया कि नासिक सहित देहरादून में चल रही नियो मेट्रो परियोजना इसी तरह की होगी। कहा जा रहा है कि अगर पीएमओ से आगे कोई पूछताछ नहीं हुई तो डीपीआर को मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा. इसके बाद टेंडर जारी किया जाएगा और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही आगे का काम शुरू कर दिया जाएगा।

यह रूट होगी

नियो मेट्रो परियोजना के लिए दो रूटों पर करार भी हुआ है। पहला रूट आईएसबीटी से घंटाघर होगा। यह रूट साढ़े आठ किलोमीटर लंबा होगा। जबकि दूसरा रूट एफआरआई से रायपुर का होगा। यह रूट 13.9 किमी लंबा होगा और इसमें 15 स्टेशन होंगे।