देहरादून: सरकार ने सोमवार को मौसमी इन्फ्लुएंजा को लेकर सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया. जिसमें इस रोग से बचाव एवं प्रभावी रोकथाम के संबंध में निर्देश दिये गये हैं. अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर द्वारा जारी पत्र के अनुसार मौसमी इन्फ्लुएंजा (H1N1, H3N2 आदि) से बचाव के निर्देश दिये गये हैं.

अस्पताल स्तर पर इन्फ्लूएंजा से संबंधित मामलों की गहन निगरानी, ​​प्रभावी रोकथाम के लिए रोगियों का वर्गीकरण करने, क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल, होम केयर, सैंपल एकत्र करने की प्रक्रिया अलग से की जाएगी।

सभी जिला, बेस और संयुक्त अस्पतालों में इलाज के लिए आइसोलेशन बेड, वार्ड, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि की व्यवस्था की गई है. इन्फ्लुएंजा की स्थिति में रोगी की पहचान, त्वरित उपचार एवं गंभीर स्थिति वाले रोगियों को रेफर करने की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही कहा है कि इलाज के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जाए.

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्म मंत्री सतपाल महाराज ने प्रदेश की जनता के साथ-साथ प्रदेश में आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसमी इन्फ्लुएंजा से बचने के लिए मास्क पहनें और सैनिटाइजर का प्रयोग करें. उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसलिए इन्फ्लुएंजा-ए सब-वैरिएंट एच3एन2 के बढ़ते खतरे को देखते हुए पहले से ही एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है।

वायरस के ग्रसित होने के लक्षण

एक सप्ताह या इससे अधिक दिन तक बुखार।
नाक से पानी आना।
सिर में दर्द रहना।
उल्टी महसूस होना।
भूख का कम होना।
शरीर में दर्द रहना।
बुखार भी तेज होना।
खांसी काफी समय तक रहना।
बलगम की परेशानी बढ़ना।
ऐसे करें इन्फ्लूएंजा से बचाव

बाहर निकलते समय या ऑफिस में हमेशा फेस मास्क पहनें।
खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को अच्छी तरह कवर करें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
हाथों को समय-समय पर पानी और साबुन से धोते रहें।
खुद को हाइड्रेट रखें, पानी-फ्रूट जूस या अन्य पेय पदार्थ लेते रहें।
नाक और मुंह छूने से बचें।
पब्लिक प्लेस पर न थूके और न ही हाथ मिलाएं।
किसी भी तरह के शारीरिक संपर्क से बचें।
डॉक्टर की सलाह लिए बगैर एंटीबायोटिक न लें।

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