देहरादून। उत्तराखंड को टीबी मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रदेश भर में जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 8688 नि-क्षय मित्र पंजीकृत हो चुके हैं, जो टीबी रोगियों को टीबी की बीमारी को मात देने में मदद करने में लगे हुए हैं। इन नि-क्षय मित्रों के सहयोग से अब तक 11635 टीबी रोगी लाभान्वित हो चुके हैं।उत्तराखंड देश के शीर्ष राज्यों में से एक है जहां सर्वाधिक नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया है, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रदेश भर में जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत राज्य में निक्षय मित्रों का नामांकन किया जा रहा है, जो प्रदेश भर में चिन्हित टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी मुक्त उत्तराखंड अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश भर में 8 हजार 688 निक्षय मित्र पंजीकृत हो चुके हैं।जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 473, बागेश्वर में 149, चमोली में 202, चम्पावत में 155, देहरादून में 1166, पौड़ी में 459, हरिद्वार में 1882, नैनीताल में 1274, पिथौरागढ़ में 240, रूद्रप्रयाग में 218, टिहरी गढ़वाल 306, ऊधम सिंह नगर में 1973 और उत्तरकाशी में 191 शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेशभर में 12 हजार 264 चिन्हित टीबी मरीज हैं जिनमें से 11 हजार 635 टीबी रोगी इन नि-मित्रों के सामुदायिक सहायोग से लाभान्वित हो रहे हैं। जिसमें अल्मोड़ा जनपद के 544, बागेश्वर के 130, चमोली के 316, चम्पावत के 232, देहरादून के 1664, पौड़ी के 370, हरिद्वार के 3494, नैनीताल के 1206, पिथौरागढ़ के 143, रूद्रप्रयाग के 237, टिहरी गढ़वाल के 435, ऊधम सिंह नगर के 2429 और उत्तरकाशी के 435 मरीज शामिल हैं।

वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त उत्तराखंड का लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का प्रयास जारी है, उनके प्रयासों और कुलश नेतृत्व के फलस्वरूप उत्तराखंड टीबी के मरीजों वाले देश के शीर्ष राज्यों में से एक है। तथा समुदाय के सहयोग के लिए सबसे अधिक निक्षय मित्रों को पंजीकृत किया गया है। राज्य में टीबी विरोधी मित्रों के बढ़ते सहयोग से निश्चित रूप से उत्तराखंड टीबी मुक्त राज्य के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि वर्ष 2024 तक उत्तराखंड को टीबी मुक्त बनाने का निर्धारित लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त कर लिया जाएगा। बड़ी संख्या में लोग टीबी के मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं जो एक सुखद अनुभूति है। इस राज्यव्यापी अभियान को सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों, विभिन्न विभागों और संगठनों, व्यापारिक घरानों और राज्य के अधिकारियों और गणमान्य लोगों का सहयोग मिल रहा है।