भराड़ीसैंण : धामी सरकार का पहला पूर्ण बजट बुधवार को भराड़ीसैंण विधानसभा में पेश किया गया. इस वर्ष के लिए 77407.08 करोड़ का बजट पेश किया गया है, जिसमें रोजगार, पर्यटन, निवेश सहित सभी श्रेणियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट को ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अमृतकाल के इस पहले बजट में हमने केंद्र सरकार की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में निर्दिष्ट “सप्तर्षियों” के साथ खुद को जोड़ लिया है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह बजट आजादी की 100वीं वर्षगांठ पर देश को एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की यात्रा में हमारी भूमिका के लिए निर्णायक है। प्रधानमंत्री के मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म, चेंज को अपनाते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के भारत के निर्माण में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार हैं.

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को मजबूत उत्तराखंड बनाने की हमारी प्रतिबद्धता इस अभूतपूर्व माहौल से और मजबूत हुई है, यात्रा शुरू हुई है, हम विकास के चक्र को गति दे रहे हैं. मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बजट में 18.05 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है.
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रेरणा से हमने केंद्रीय बजट में निर्दिष्ट “सप्तऋषि” के साथ खुद को जोड़ लिया है और समावेशी विकास, हाशिए पर पहुंचने और वंचितों को प्राथमिकता देने, बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश के विस्तार को शामिल किया है। हरित विकास, युवा शक्ति और वित्तीय क्षेत्र को समय की आवश्यकता को देखते हुए आवश्यक नीतिगत परिवर्तन और बजटीय प्रावधान करने के लिए प्राथमिकता दी गई है।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा बजट में इस वर्ष उद्यान विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 815.66 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजकीय नियुक्तियों हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। जिस हेतु राज्य लोक सेवा आयोग के अन्तर्गत रू0 133.53 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
उद्योग विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 461.31 करोड़ का प्रावधान किया गया है।पॉलीहाउस हेतु रू0 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मिशन एप्पल योजना के अन्तर्गत रू0 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 1294.15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मिलेट मिशन हेतु रू0 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्थानीय फसलों में प्रोत्साहन हेतु रू0 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा, ”यह प्रदेश का सौभाग्य है कि हमारे पास पूर्व सैनिकों के रूप में प्रशिक्षित और अनुशासित मानव पूंजी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. हमारी सरकार प्रदेश के विकास में पूर्व सैनिकों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए प्रयास कर रही है।
मंत्री जोशी ने कहा शौर्य स्थल हेतु रू. बीस करोड़ (रू. 20.00 करोड़), सैनिक विश्राम गृहों का निर्माण हेतु रू. दो करोड़ (रू. 2.00 करोड़). खटीमा में सी. एस. डी. की स्थापना हेतु रू. एक करोड़ (रू. 1.00 करोड़). शहीद द्वार / स्मारकों का निर्माण हेतु रू. एक करोड़ (रू. 100 करोड़) उत्तराखण्ड के निवासी द्वितीय विश्व युद्ध के भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रित विधवाओं के पेन्शन हेतु लगभग रु सात करोड़ अड़तीस लाख (रू. 7.38 करोड़) इसी प्रकार सैनिक विश्राम गृहों की साज-सज्जा हेतु रू. पचास लाख (रू. 50.00 लाख), एवं वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों एवं उनकी वीरंगनाओं हेतु निःशुल्क यात्रा की सुविधा हेतु नई मांग के रूप में रू. दस लाख (रू. 10.00 लाख) का प्रावधान किया गया है।
मंत्री जोशी ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है. यह समावेशी बजट उत्तराखंड को 2025 में देश का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

