देहरादून : तेरी फाइल-मेरी फाइल के मद्देनजर राजकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाले 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। दरअसल समाज कल्याण विभाग जो प्रमाण पत्र मांगता है वह राजभवन से जारी होता है।
लंबी प्रक्रिया के कारण मामला लंबित है। जबकि विभाग व विवि की ओर से जारी पत्र को मान्यता नहीं मिल रही है। प्रदेश भर में कई जगहों पर छात्र जबरन आंदोलन कर रहे हैं. यदि 20 मार्च तक कोई निर्णय नहीं हुआ तो ये छात्र इस वर्ष छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे।
आपको बता दें कि 13 मार्च 2019 को तत्कालीन अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह ने समाज कल्याण निदेशक को आदेश जारी किया। बताया गया कि छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए महाविद्यालय का संबद्धता प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
इसके बिना कोई भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। इसी आदेश के आधार पर समाज कल्याण विभाग 2022-23 तक संबद्धता प्रमाण पत्र मांग रहा है। आवेदन प्राप्त न होने पर आवेदन अस्वीकृत कर दिए जाते हैं।
इससे कई कॉलेज छात्र प्रभावित हुए हैं
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय: विश्वविद्यालय के दो परिसर हैं। 51 सरकारी कॉलेज, 8 सरकारी बीएड कॉलेज, 28 निजी बीएड कॉलेज और 114 निजी कॉलेज संबद्ध हैं। संबद्धता प्रमाण पत्र की कमी के कारण 140 कॉलेजों के लगभग 10,000 छात्रों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय: विश्वविद्यालय के दो परिसर और 27 संबद्ध कॉलेज हैं। इन कॉलेजों के करीब 2000 छात्रों के आवेदन खारिज किए जा चुके हैं।
यह एक कॉलेज विशिष्ट मामला हो सकता है कि किसी ने आवेदन किया हो या फीस जमा न कराई हो या पैनल न गया हो। यह विश्वविद्यालय और कॉलेज के बारे में है। निदेशालय स्तर का नहीं।
- चंद्रदत्त सूंठा, निदेशक, उच्च शिक्षा
पहले से ही यह नियम है कि बिना संबद्धता प्रमाण पत्र के छात्रवृत्ति नहीं दी जा सकती। ऐसे में हम कैसे नियम तोड़कर काम कर सकते हैं।
-चंदन रामदास, मंत्री, समाज कल्याण
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